फोन का सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक चिप कितने कीमती, इसमें कितना और क्यों लगा होता है सोना?

आपके फोन में लगा छोटा सा सिम कार्ड क्या वाकई किसी खजाने से कम नहीं होता है? सोशल मीडिया पर चीन से आई एक खबर ने लोगों की जिज्ञासा बढ़ा दी है, जहां दावा किया गया कि फेंके हुए सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक कचरे से एक शख्स ने लाखों रुपये का सोना निकाल लिया. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सच में हमारे रोजमर्रा के सिम और चिप्स इतने कीमती होते हैं, या यह सिर्फ आधी-अधूरी सच्चाई है?
चीन के एक व्यक्ति ने दावा किया है कि उसने पुराने सिम कार्ड, मोबाइल पार्ट्स और ई-वेस्ट को इकट्ठा करके करीब 191 ग्राम सोना निकाला. बताया गया कि इस सोने की कीमत लगभग 26 लाख रुपये के आसपास है.
यह खबर चीन के एक मीडिया पोर्टल में सामने आई और फिर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. इसके बाद लोग यह जानने में जुट गए कि आखिर सिम कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक चिप्स में इतना सोना आता कहां से है और इसे क्यों लगाते हैं.
तकनीकी रूप से देखें तो सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक चिप्स के कुछ हिस्सों पर बेहद पतली परत में सोने की कोटिंग होती है. सोना इसलिए इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि यह जंग नहीं पकड़ता, जल्दी खराब नहीं होता और बिजली का प्रवाह बेहतर तरीके से करता है.
इससे चिप की कनेक्टिविटी मजबूत रहती है और लंबे समय तक डिवाइस सही ढंग से काम करता है. यहां सबसे अहम बात समझनी जरूरी है. एक सिम कार्ड में सोने की मात्रा बेहद मामूली होती है. आम तौर पर यह माइक्रोग्राम स्तर पर होती है, यानी एक ग्राम का हजारवां या उससे भी कम हिस्सा.
इतनी कम मात्रा से न तो सोना दिखाई देता है और न ही उसे निकालना आम व्यक्ति के लिए संभव है. यही वजह है कि एक-दो या दर्जनों सिम कार्ड से सोना निकालकर अमीर बनने की सोच हकीकत से बहुत दूर है.
जिस व्यक्ति की चर्चा हो रही है, उसने किसी एक सिम कार्ड से सोना नहीं निकाला, बल्कि उसने लंबे समय तक बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक कचरा इकट्ठा किया, जिसमें पुराने मोबाइल पार्ट्स, सर्किट बोर्ड और अन्य चिप्स शामिल थे.
इसके बाद खास केमिकल प्रोसेस के जरिए धातुओं को अलग किया गया. इस पूरी प्रक्रिया में भारी मात्रा में कचरा और उन्नत तकनीक का इस्तेमाल हुआ, तब जाकर इतनी मात्रा में सोना निकल पाया. हालांकि एक आम इंसान सिम कार्ड या चिप से सोना नहीं निकाल सकता है. उसमें सोने की मात्रा इतनी कम होती है कि उसे निकालने में खर्च, मेहनत और जोखिम कहीं ज्यादा होता है.