लैब में किस तरह बनाया जा रहा है मांस? जानें ये वेज है या फिर नॉनवेज
लैब में तैयार किए गए मीट को कल्चरड मीट या क्लीन मीट भी कहा जाता है. इसके बढ़ावे के बाद दुनिया में एक वैकल्पिक मीट के लिए रास्ता खुल जाएगा.
ऐसे में वो लोग भी मीट के मजे ले सकेंगे, जो कि जानवरों की हत्या के चलते इसे नहीं खाते हैं. यह मीट लैब में तैयार होता है और इसे तैयार करने के लिए बायोप्सी के जरिए एनिमल सेल्स लिए जाते हैं.
इसके बाद उनको बायोरिएक्टर्स के जरिए तैयार किया जाता है और इसमें कार्बोहाइड्रेट, एमिनो एसिड, विटामिन और फैट का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे कि मीट बढ़ जाता है.
टेस्ट की बात की जाए तो इसका स्वाद सामान्य मीट की तरह से ही होता है. ऐसे में जो लोग जानवरों की हत्या पर नियंत्रण की बात करते हैं वो भी इस मीट का मजा ले सकते हैं.
इस मीट को भी नॉनवेज की ही श्रेणी में गिना जाता है. भले ही इसे जानवरों को मारे बिना बनाया गया हो, क्योंकि इसमें जानवरों की कोशिकाओं का इस्तेमाल होता है.
कुछ लोग भले ही इसे शाकाहारी के ऑप्शन के रूप में देख सकते हैं, लेकिन असल में यह मांसाहारी ही है, जबकि इसके बनाने का तरीका बिल्कुल अलग है.
यह मीट स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं होता है, क्योंकि इसे विशेषज्ञों की देखरेख में बनाया जाता है. ऐसे में सेहत पर पड़ने वाले असर का भी ध्यान रखा जाता है.