एक ही क्रूड ऑयल से कैसे बनता है पेट्रोल और डीजल, दोनों में कैसे होता है फर्क?
क्रूड ऑयल या कच्चा तेल इसे काला सोना भी कहते हैं एक प्राकृतिक तरल पदार्थ है जो जमीन से निकाला जाता है. यह पूरी दुनिया की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का एक मुख्य स्त्रोत है.
आपकी बाइक-कार हो या प्लेन और विशालकाय जहाज भी इसी एक चीज से चलते हैं. जिस देश में क्रूड ऑयल के बड़े भंडार होते हैं वो देश उतना मुनाफा कमाता है.
कच्चे तेल से कई तरह के ईंधनों और अन्य उत्पादों का निर्माण किया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ही क्रूड ऑयल से कैसे पेट्रोल और डीजल बनता है चलिए जानते हैं.
जमीन के अंदर से निकलने वाले कच्चे तेल का निर्माण मुख्य रूप से लाखों सालों तक जमा हुए जैविक पदार्थों से होता है. ये पदार्थ जमीन के भीतर हाई प्रेशर और हाई टेंपरेचर के कारण तेल और गैस में बदल जाते हैं. जिन्हें ड्रिलिंग के माध्यम से बाहर निकाला जाता है.
पेट्रोल और डीजल बनाने के लिए क्रूड ऑयल को रिफाइनरी में प्रोसेस किया जाता है. इसमें डिस्टिलेशन, क्रैकिंग, रीफॉर्मिंग और अल्काइलेशन प्रक्रियाओं का इस्तेमाल होता है.
पेट्रोल बनाने में डिस्टिलेशन के दौरान ही कच्चे तेल से पेट्रोल अलग किया जाता है. इसके बाद इसे अलग-अलग कंपाउंड्स के साथ मिलाया जाता है जिससे इसकी गुणवत्ता बढ़ जाती है और पेट्रोल तैयार हो जाता है.
डीजल भारी हाइड्रोकार्बन से बनता है और पेट्रोल की तरह ही डीजल भी डिस्टिलेशन प्रक्रिया से बनता है. कच्चे तेल को कई बार हाइड्रोट्रीटमेंट किया जाता है जिससे सभी अशुद्धियों को बाहर निकाला जाती हैं और शुद्ध डीजल तैयार किया जाता है.