✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

कितनी होती है फाइटर जेट उड़ाने वालों की तनख्वाह, जान लीजिए आज

एबीपी लाइव   |  24 Sep 2024 09:42 AM (IST)
कितनी होती है फाइटर जेट उड़ाने वालों की तनख्वाह, जान लीजिए आज

फाइटर जेट का पायलट बनना हर किसी का सपना होता है. ऐसे में आपके मन में आसमान में उड़ते फाइटर प्लेन को देखकर एक सवाल तो जरुर आता होगा कि आखिर फाइटर प्लेन के पायलट को सैलरी कितनी मिलती है? तो चलिए जानते हैं.

1

भारतीय वायु सेना में पायलट का रैंक उसके अनुभव और योग्यता के आधार पर तय होता है. रैंक के साथ-साथ तनख्वाह भी बढ़ती जाती है. जितना अधिक अनुभव होगा, उतनी ही ज्यादा तनख्वाह भी होगी.

2

वहीं कुछ पायलटों को खासियतों के लिए उन्हें अतिरिक्त भत्ता मिलता है. इसके अलावा, पायलटों को कई तरह के भत्ते भी मिलते हैं, जैसे कि उड़ान भत्ता, खतरा भत्ता, और रहने का भत्ता.

3

वहीं एक फ्रेशर पायलट की सैलरी की बात करें तो फ्रेशर पायलट को भारतीय वायु सेना में लगभग 1.5 लाख रुपये प्रति महीने की शुरुआती तनख्वाह मिलती है.

4

जैसे-जैसे पायलट का अनुभव बढ़ता जाता है, उसकी तनख्वाह भी बढ़ती जाती है. एक अनुभवी फाइटर जेट पायलट को 5-6 लाख रुपये प्रति महीने तक की तनख्वाह मिल सकती है.

5

इसके अलावा फाइटर प्लेन का पायलट को आवास की सुविधा, मुफ्त मेडिकल सुविधाएं, बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति, सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन, समाज में उच्च सम्मान भी मिलता है.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • कितनी होती है फाइटर जेट उड़ाने वालों की तनख्वाह, जान लीजिए आज
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.