Currency Printing Cost: एक नोट छापने में कितना खर्च करती है भारत सरकार, जान लीजिए जवाब

Currency Printing Cost: लोगों के बीच अक्सर ही एक सवाल उठता है कि आखिर सरकार असल में एक नोट को छापने में कितना खर्च करती है. आपको बता दें कि अच्छी क्वालिटी की करेंसी बनाना काफी जटिल और महंगी प्रक्रिया है. आइए जानते हैं इसमें कितना खर्चा आता है.
करेंसी नोटों की छपाई की लागत उनके मूल्य और सुरक्षा फीचर पर निर्भर करती है. एक ₹10 के नोट को छापने में लगभग 0.96 रुपये लगते हैं. इसी के साथ ₹100 के नोट को छापने में लगभग 1.77 रुपये लगते हैं. ₹200 और ₹500 जैसे ज्यादा मूल्य वाले नोट एडवांस्ड डिजाइन और सुरक्षा की वजह से ज्यादा महंगे होते हैं.
अभी चलन में मौजूद नोटों में ₹500 के नोट की कीमत लगभग ₹2.29 से ₹2.65 होती है. बंद हो चुका ₹2000 का नोट सबसे महंगा था जिसकी कीमत 3.54 रुपये से 4.18 रुपये प्रति नोट थी.
दिलचस्प बात यह है कि कम मूल्य वाले नोट काफी ज्यादा सस्ते नहीं है. ₹20 की नोट की कीमत लगभग ₹0.95 है और ₹50 के नोट की कीमत लगभग ₹1.13 है.
आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने करेंसी नोटों की छपाई पर लगभग ₹6,372.8 करोड़ रुपये खर्च किए. यह पिछले साल की तुलना में लगभग 25% की वृद्धि थी.
सभी भारतीय बैंक नोट देश में नासिक, देवास, मैसूर और साल्बोनी में स्थित चार प्रमुख प्रेस में छापे जाते हैं. इनका संचालन सिक्योरिटी प्रिंटिंग एंड मिटिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा किया जाता है.
बढ़ती लागत की वजह कच्चे माल की बढ़ती कीमत, एडवांस नकली नोट रोकने वाले फीचर्स को शामिल करना और प्रोडक्शन को देश में ही करने पर जोर देना है.