कितनी ताकतवर होती है आसमान में कड़कती बिजली, जानें इसमें कितने एम्पियर का होता है करंट?

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बिजली के बिना जीवन की कल्पना करना नामुमकिन है. हम घरों में जिस बिजली का इस्तेमाल करते हैं, वह हमारे काम आसान बनाती है, लेकिन आसमान से गिरने वाली बिजली मौत का दूसरा नाम है. बारिश के दिनों में कड़कती बिजली को देखकर अक्सर मन में सवाल आता है कि इसमें कितनी ताकत होती है? क्या आप जानते हैं कि आपके घर के बल्ब जलाने वाली बिजली और बादलों से गिरने वाली बिजली में जमीन-आसमान का अंतर है?
बिजली बनाने के कई तरीके हैं, जैसे हाइड्रो पावर या थर्मल पावर स्टेशन. हमारे घरों में जो कृत्रिम बिजली आती है, वह आमतौर पर 120 से 240 वोल्ट के बीच होती है. यह सीमित वोल्ट की बिजली अगर सावधानी बरती जाए तो जानलेवा नहीं होती है. इसके उलट, आसमानी बिजली कुदरती होती है और इसकी मारक क्षमता का अंदाजा लगाना भी मुश्किल है.
जहां घर की बिजली उपकरणों को चलाती है, वहीं आसमानी बिजली उन्हें एक सेकंड में फूंक कर राख कर सकती है. आसमानी बिजली की सबसे डरावनी बात इसका वोल्टेज है. सामान्य घर की बिजली जहां 120 वोल्ट की होती है, वहीं आसमान से गिरने वाली एक बिजली में लगभग 10 करोड़ वोल्ट का करंट होता है.
यही वजह है कि जब यह बिजली किसी इंसान या जानवर पर गिरती है, तो उसे संभलने या पलक झपकने तक का मौका नहीं मिलता. यह वोल्टेज इतना ज्यादा है कि यह किसी भी जीवित प्राणी के शरीर को तुरंत झुलसाकर कोयला बना सकता है.
वोल्टेज के अलावा इस बिजली की असली ताकत इसके एम्पियर में छिपी होती है. जानकारों के मुताबिक, आसमानी बिजली में 30,000 एम्पियर से भी ज्यादा का करंट होता है. तुलना के लिए बता दें कि घर में इस्तेमाल होने वाला एक छोटा हीटर या गीजर मात्र 15 से 20 एम्पियर पर चलता है.
अब आप सोच सकते हैं कि 30 हजार एम्पियर का बहाव कितना विनाशकारी हो सकता है. यह करंट किसी भी मजबूत से मजबूत चीज को भाप बनाने के लिए काफी है. आसमानी बिजली केवल एक छोटी सी लकीर नहीं होती. इसकी लंबाई आपको हैरान कर सकती है. आसमान से जमीन तक पहुंचने वाली बिजली की एक लहर 4 से 5 किलोमीटर तक लंबी हो सकती है.
इतनी लंबी दूरी तय करने के बावजूद इसकी ताकत कम नहीं होती. यह आमतौर पर दोपहर के समय या भारी बारिश के दौरान गिरती है. इसकी तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह ऊंचे पेड़ों को भी जड़ से सुखा देती है.
जब यह महाशक्तिशाली बिजली जमीन पर गिरती है, तो इसका तापमान सूरज की सतह से भी ज्यादा हो सकता है. यही कारण है कि अगर यह किसी हरे-भरे पेड़ पर गिर जाए, तो पेड़ के अंदर का सारा पानी तुरंत भाप बन जाता है और पेड़ सूख जाता है. इंसान के मामले में यह सीधे नर्वस सिस्टम और दिल पर हमला करती है, जिससे बचने की गुंजाइश शून्य हो जाती है.
आसमानी बिजली जितनी ताकतवर है, उतनी ही अप्रत्याशित भी. यह अक्सर ऊंची इमारतों, पेड़ों या खुले मैदानों में गिरती है. इसके 10 करोड़ वोल्ट और 30 हजार एम्पियर के करंट से बचने का कोई सीधा तरीका नहीं है, सिवाय इसके कि जब आसमान में बिजली कड़के तो तुरंत किसी पक्की छत के नीचे चले जाएं.