✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

Train Wheel Cost: कितने रुपये में आता है ट्रेन का एक पहिया? कीमत होश उड़ा देगी

निधि पाल   |  02 Jan 2026 03:42 PM (IST)
Train Wheel Cost: कितने रुपये में आता है ट्रेन का एक पहिया? कीमत होश उड़ा देगी

रेलवे को अक्सर आम आदमी का सबसे सस्ता सफर माना जाता है, लेकिन इस सस्ते सफर के पीछे छिपी तकनीक और लागत बेहद महंगी है. प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन को देखकर शायद ही कोई यह सोचता हो कि उसका एक-एक पुर्जा लाखों की कीमत का हो सकता है. खासतौर पर ट्रेन का पहिया, जो हर पल सैकड़ों टन वजन उठाता है. इसकी कीमत जानकर यह सवाल जरूर उठता है कि आखिर रेलवे सुरक्षा और मजबूती पर कितना बड़ा निवेश करता है.

1

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में शामिल है. देशभर में 7500 से ज्यादा रेलवे स्टेशन और रोजाना 13 हजार से अधिक यात्री ट्रेनें चलती हैं. करोड़ों यात्री रोजाना रेल से सफर करते हैं.

2

इस विशाल व्यवस्था को चलाने के लिए पटरियों, स्टेशनों, सिग्नल सिस्टम और कोच निर्माण पर हर साल हजारों करोड़ रुपये खर्च होते हैं. ट्रेन का हर हिस्सा, खासकर पहिया, सुरक्षा और संतुलन की दृष्टि से बेहद अहम होता है.

3

ट्रेन का पहिया सिर्फ गोल लोहे का टुकड़ा नहीं होता. इसे खास स्टील मिश्रधातु से बनाया जाता है ताकि यह भारी वजन, तेज रफ्तार और लगातार घर्षण को सह सके.

4

पहिये की डिजाइन ऐसी होती है कि वह पटरियों पर स्थिरता बनाए रखे और फिसले नहीं. इसी वजह से इसके निर्माण में उच्च तकनीक, गुणवत्ता परीक्षण और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन किया जाता है.

5

मीडिया रिपोर्ट्स और रेलवे से जुड़े आंकड़ों के मुताबिक, ट्रेन के पहिये दो तरह के होते हैं, स्वदेशी और इम्पोर्टेड. इम्पोर्ट किए गए एक पहिये की कीमत करीब 70 हजार रुपये तक होती है.

6

यह पहिया विदेश से मंगाने के बाद रेलवे के लोकोमोटिव या कोच फैक्ट्री में असेंबल किया जाता है. वहीं स्वदेशी पहियों की कीमत थोड़ी कम हो सकती है, लेकिन गुणवत्ता और मजबूती में कोई समझौता नहीं किया जाता है.

7

एक पैसेंजर कोच में आमतौर पर 8 पहिये होते हैं. इस हिसाब से सिर्फ पहियों पर ही एक कोच में करीब 5.6 लाख रुपये तक का खर्च आता है. अगर किसी एक्सप्रेस ट्रेन में 14 से 18 कोच हों, तो केवल कोचों के पहियों की कीमत ही कई करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • Train Wheel Cost: कितने रुपये में आता है ट्रेन का एक पहिया? कीमत होश उड़ा देगी
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.