ATM Cash Capacity: एक ATM में आखिर कितना कैश भरा जा सकता है, क्या है नियम?

ATM Cash Capacity: एटीएम बाहर से देखने में काफी सिंपल लगता है. सिंपल कार्ड डालो, पिन डालो और कैश निकालो. लेकिन उस स्क्रीन के पीछे एक रेगुलेटेड सिस्टम होता है जो इस बात को तय करता है कि कितना पैसा लोड किया जा सकता है और इसे कब भरा जा सकता है. तो आइए जानते हैं कि एटीएम में आखिर कितना पैसा भरा जा सकता है और इसके नियम क्या हैं.
ज्यादातर एटीएम में तीन से चार कैश कैसेट होते हैं. इन्हें कैश बॉक्स भी कहा जाता है. हर बॉक्स में मशीन मॉडल और नोट की कंडीशन के आधार पर लगभग 2200 से 2500 नई करेंसी नोट रखे जा सकते हैं. इसका मतलब है कि एक एटीएम में एक बार में फिजिकल लगभग 8000 से 10000 नोट रखे जा सकते हैं.
अगर हर कैसेट में सिर्फ ₹500 के नोट लोड किए जाएं तो एक एटीएम के अंदर कुल कैश 40 से 50 लाख रुपए तक का हो सकता है. असलियत में बैंक शायद ही कभी ऐसा करते हैं क्योंकि कस्टमर की जरूरत को पूरा करने के लिए एटीएम को अलग-अलग डिनॉमिनेशन देने होते हैं.
बैंक आमतौर पर ₹100, ₹200 और ₹500 के नोट मिलकर लोड करते हैं. इस डिनॉमिनेशन बैलेंस की वजह से एक एटीएम के अंदर ₹20 लाख से ₹30 लाख के बीच कैश रहता है.
कैश लोडिंग लोकेशन के हिसाब से काफी अलग होती है. बाजारों, रेलवे स्टेशन, शहर के केंद्र और त्योहार वाले इलाकों में एटीएम ज्यादा बार और ज्यादा रकम से भरे जाते हैं. इसके ठीक उलट कम भीड़भाड़ वाले या फिर ग्रामीण इलाकों में एटीएम में रिस्क और ऑपरेशन लागत को कम करने की वजह से कम कैश रखे जाते हैं.
भले ही एक एटीएम टेक्निकल ज्यादा पैसे रख सकता हो लेकिन बैंक इसे पूरा भरने से बचते हैं. ज्यादा कैश रखने से चोरी, डकैती और टेक्निकल रिस्क बढ़ जाते हैं.
आरबीआई के नियमों के मुताबिक अगर कोई एटीएम लगातार 10 घंटे से ज्यादा समय तक कैशलेस रहता है तो बैंक पर हर एटीएम के लिए ₹10000 का जुर्माना लग सकता है.