Bedroom In ISS: इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में कितने बेडरूम हैं? एक साथ कितने लोग कर सकते हैं आराम

Bedroom In ISS: अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन ऐसी जगह है, जहां पर धरती से स्पेस में जाने वाले यात्री वहां उतरते हैं, रहते हैं और साइंस से संबंधित प्रयोग करते हैं. यहां की जिंदगी पूरी तरह से धरती से अलग होती है. शायद आपको ये बात न पता हो, लेकिन अंतरिक्ष स्पेस स्टेशन में 24 घंटे में 16 बार सूर्योदय और 16 बार सूर्यास्त होता है. भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री पिछले 9 महीने से वहां फंसी थीं और अब कल वो धरती पर वापस आ जाएंगी. इतने दिन अंतरिक्ष में रहने के बाद लोग वहां पर आराम कैसे करते होंगे, चलिए जानते हैं.
ISS एक बड़ा सा अंतरिक्ष यान है, जो कि अंतरिक्ष यात्रियों को रहने के लिए सुविधा देता है. यह स्थाई रूप से टिका नहीं होता है, बल्कि पृथ्वी के चारों ओर घूमता रहता है.
ये पृथ्वी की सतह से 403 किलोमीटर दूर है और अंतरिक्ष यात्री इसमें रहते हैं. इसका अर्थ है कि अंतरिक्ष यात्री भी धरती के चारो ओर घूमते रहते हैं.
यह सिर्फ 90 मिनट में पूरी पृथ्वी का चक्कर काट लेता है. इसकी रफ्तार 28,163 किलोमीटर प्रति घंटे होती है.
ISS में अंतरिक्ष यात्रियों के सोने के लिए स्लीपिंग स्पेस होते हैं, जो छोटे कमरों की तरह होते हैं, जहां वे अपने सामान रख सकते हैं. ये छोटे कमरे फोनबूथ की तरह से होते हैं.
अंतरिक्ष यात्री सोने के लिए स्लीपिंग बैग का उपयोग करते हैं, ताकि वो जीरो गुरुत्वाकर्षण में इधर-उधर न तैरें. अंतरिक्ष यात्री हर रात लगभग 8 घंटे सोने की कोशिश करते हैं.
स्टेशन में रहने और काम करने का स्थान छह बेडरूम वाले घर से बड़ा है और इसमें छह बेडरूम, दो बाथरूम, एक जिम और 360 डिग्री सीन वाली खिड़की होती है.
अंतरिक्ष में सोना एक चुनौती हो सकती है, क्योंकि अंतरिक्ष यात्री जीरो गुरुत्वाकर्षण में तैरते रहते हैं. सोने के लिए उनको किसी चीज से खुद को बांधना पड़ता है.