Delhi Solar Panels: दिल्ली के घरों में लगे हैं कितने सोलर पैनल, हर महीने कितनी बनती है बिजली?

Delhi Solar Panels: बिजली के बढ़ते बिलों और स्वच्छ ऊर्जा के बारे में बढ़ती जागरूकता के साथ दिल्ली भर में रूफटॉप सोलर पैनल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. हजारों परिवारों ने सरकारी योजनाओं के तहत पहले ही सोलर पावर अपना लिया है. इसके बाद पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है. आइए जानते हैं कि दिल्ली में कितने सोलर पैनल लगे हैं और हर महीने इनसे कितनी बिजली बनती है.
दिल्ली में रूफटॉप सोलर अपनाने में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है. इसमें आवासीय छतों पर लगभग 23000 सोलर पैनल सिस्टम पहले से ही लगाए जा चुके हैं. ये इंस्टॉलेशन नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और शहर के पावर ग्रिड पर दबाव कम करने में जरूरी भूमिका निभा रहे हैं.
दिल्ली में रूफटॉप सोलर सिस्टम का कुल उत्पादन हर महीने 24 मिलियन से 30 मिलियन यूनिट बिजली के बीच रहता है. यह बड़े पैमाने पर उत्पादन स्वच्छ और टिकाऊ बिजली के जरिए से घरेलू ऊर्जा की जरूरत को पूरा करने में मदद कर रहा है.
इन रूफटॉप इंस्टॉलेशन से पैदा होने वाली बिजली फिलहाल लगभग 2 लाख परिवारों को बिजली की आपूर्ति करती है. इससे कई परिवारों को पारंपरिक बिजली पर अपनी निर्भरता कम करने और अपने महीने के बिजली खर्च को कम करने में मदद मिली है.
1 किलो वाट का एक सोलर सिस्टम हर महीने लगभग 120 से 150 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है. इसी के साथ 3 किलोवाट का एक सोलर सिस्टम आमतौर पर 360 से 450 यूनिट बिजली पैदा करता है. वहीं 5 किलो वाट का सोलर सिस्टम हर महीने 600 से 750 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है.
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र परिवार ₹78000 तक की सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं. दिल्ली के निवासी ₹30000 तक की अतिरिक्त राज्य सब्सिडी का भी फायदा उठा सकते हैं. इसके बाद बड़े सिस्टम के लिए कुल वित्तीय सहायता बढ़कर 1.08 लाख तक हो जाती है.
अगर कोई रूफटॉप सोलर सिस्टम किसी घर की खपत से ज्यादा बिजली बनाता है तो यह अतिरिक्त बिजली नेट मीटरिंग के जरिए वापस ग्रिड में भेज दी जाती है. उपभोक्ताओं को इसके बदले क्रेडिट या फिर बिल में छूट मिल सकती है.