Gold Reserves: कितने देशों ने अमेरिका के पास रखा है अपना सोना, जानें इनमें भारत का कितना गोल्ड?

Gold Reserves: सोने का भंडार किसी देश की वित्तीय स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा के सबसे मजबूत संकेतकों में से एक माना जाता है. जहां कई देश अपने सोने का कुछ हिस्सा काफी सुरक्षित विदेशी वॉल्ट में रखना पसंद करते हैं वहीं भारत की रणनीति काफी अलग है. आइए जानते हैं कि कितने देशों ने अमेरिका के पास अपना सोना रखा हुआ है. आइए जानते हैं क्या है भारत की स्थिति.
न्यूयॉर्क का फेडरल रिजर्व बैंक दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड कस्टोडियन में से एक है. 36 से ज्यादा देशों और आईएमएफ जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने अपने सोने के भंडार वहां जमा किए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि वहां का कॉन्फ्राट्रक्चर काफी सुरक्षित है.
न्यूयॉर्क फेड मैनहट्टन में जमीन के स्तर से लगभग 80 फीट नीचे बनी एक तिजोरी में लगभग 6200 से 6331 मीट्रिक टन विदेशी सोना रखता है. वहां रखे सोने का लगभग 98% हिस्सा विदेशी सरकारों और केंद्रीय बैंकों का है.
कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के उलट भारत ने अपना कोई भी आधिकारिक सोने का भंडार अमेरिका में जमा नहीं किया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एक अलग रिजर्व मैनेजमेंट रणनीति अपनाता है और अपना विदेशी सोना मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में रखता है.
भारत का आधिकारिक सोने का भंडार अभी लगभग 880.52 टन है. इससे यह देश दुनिया में सबसे ज्यादा सोना रखने वाले देशों में से एक बन गया है.
भारत के कुल भंडार में से लगभग 290 टन सोना विदेश में रखा है. यह मुख्य रूप से बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ इंटरनेशनल सेटेलमेंट्स के पास है.
बीते कुछ सालों में आरबीआई ने अपने सोने को वापस लाने की कोशिश तेज कर दी है. अब भारत में 680 टन से ज्यादा भंडार जमा है. इसमें मुंबई और नागपुर के वॉल्ट भी शामिल हैं.