Brain Difference: लड़कों से कितना अलग होता है लड़कियों का दिमाग, जानें ह्यूमन बॉडी की साइंस

Brain Difference: न्यूरोसाइंस के मुताबिक लड़कों और लड़कियों के दिमाग में कई संरचनात्मक और कार्यात्मक अंतर होते हैं. ये अंतर सोचने, व्यवहार करने और सीखने के तरीकों को प्रभावित करते हैं. आइए जानते हैं कि लड़कों और लड़कियों के दिमाग में आखिर क्या अंतर होता है.
पुरुषों का दिमाग महिलाओं के दिमाग से आकार और वजन में लगभग 10% बड़ा होता है. लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि वे ज्यादा बुद्धिमान होते हैं. महिलाओं के दिमाग में ग्रे मैटर की मात्रा ज्यादा होने की वजह से वे अक्सर सूचना को संसाधित करने में ज्यादा कुशल होती हैं. यह फैसला लेने और एनालाइज करने के लिए जिम्मेदार होता है.
पुरुषों के दिमाग में व्हाइट मैटर ज्यादा होता है. यह दिमाग के अलग-अलग क्षेत्र के बीच संचार में सहायता करता है. महिलाओं के दिमाग में ग्रे मैटर ज्यादा होता है जो सूचना की प्रोसेसिंग को बढ़ाता है.
हिप्पोकैंम्पस याददाश्त के लिए जिम्मेदार होते हैं. अक्सर महिलाओं में यह ज्यादा सक्रिय होते हैं. इससे याद करने की मजबूत क्षमता मिलती है.
लड़कों में आमतौर पर एक गोलार्ध के अंदर मजबूत कनेक्शन होते हैं. ये एकाग्रता और शारीरिक कौशल में सहायक होते हैं. लड़कियों में क्रॉस हेमिस्फीयर कनेक्टिविटी ज्यादा होती है. यह मल्टीटास्किंग, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और तर्क को अंतर्ज्ञान के साथ मिलने में मदद करती है.
महिलाएं आमतौर पर मौखिक संचार में बेहतर प्रदर्शन करती हैं. क्योंकि भाषा केंद्र दोनों गोलार्ध में सक्रिय होते हैं. पुरुष अक्सर स्थानीय जागरूकता, दिशा निर्देश और समस्या समाधान में माहिर होते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि इन क्षमताओं से जुड़े मस्तिष्क क्षेत्रों में अंतर होता है.
एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे हार्मोन दिमाग के व्यवहार को प्रभावित करते हैं. महिलाएं चिंता और अवसाद के प्रति ज्यादा संवेदनशील होती हैं और पुरुषों में एडीएचडी और व्यवहार संबंधी विकार होने की संभावना ज्यादा होती है.