Twitter Name History: X होने से पहले कैसे मिला था ट्विटर को अपना नाम, जानें क्या है इसके पीछे की कहानी?
जब प्लेटफार्म पहली बार डेवलप किया गया था तो इसे twttr कहा जाता था. इसमें जानबूझकर वोवेल्स को हटा दिया गया था. यह नाम रखने का स्टाइल उस समय की पॉपुलर टेक सर्विसेज जैसे Flickr से इंस्पायर्ड था.
को फाउंडर जैक डोर्सी एक ऐसा नाम चाहते थे जो मैसेज आने पर फोन के बजने या वाइब्रेट होने का एहसास दे. वे एक ऐसा नाम रखना चाहते थे जो काफी फॉर्मल और भारी होने के बजाय तुरंत दिमाग में बैठ जाए और कैची हो.
ब्रेनस्टॉर्मिंग सेशन के दौरान टीम ने स्टेटस और ट्विच जैसे नाम पर विचार किया. हालांकि यह रियल टाइम अपडेट दिखाते थे लेकिन उसके बावजूद भी ये फाउंडर को पसंद नहीं आए.
ट्विच से जुड़े शब्दों को खोजते समय टीम को डिक्शनरी में ट्विटर मिला. ट्विटर का मतलब डिक्शनरी में मामूली जानकारी के छोटे-छोटे टुकड़े और पक्षियों की चहचहाट होता है. बस यह नाम तुरंत मैसेज के आईडिया से जुड़ गया.
पक्षियों की चहचहाहट का कॉन्सेप्ट यूजर्स के छोटे विचार और अपडेट शेयर करने से मेल खाता था. हर पोस्ट एक बड़ी बातचीत में एक छोटी सी आवाज की तरह महसूस होती थी. इससे बाद में ट्वीट, री ट्वीट और बर्ड लोगों जैसे आईकॉनिक शब्द बने.
2023 में एलन मस्क ने ट्विटर को X के रूप में रीब्रांड कर दिया. यह उनके एवरीथिंग एप्लीकेशन की ओर एक बदलाव का बड़ा संकेत था.