High Heel Ban: इस देश में हाई हील्स पर लगा है बैन, पकड़े जाने पर मिलती है कड़ी सजा

High Heel Ban: सोचिए कि आप ग्रीस की एक ड्रीम ट्रिप प्लान कर रहे हैं. आप पुराने खंडहरों पर फोटो खिंचवाने के लिए तैयार हैं लेकिन आपको अपने जूतों की वजह से एंट्री पर ही रोक दिया जाए. दरअसल ग्रीस में बड़े ऐतिहासिक स्मारकों पर हाई हील्स पहनना पूरी तरह से मना है. आइए जानते हैं ग्रीस में यह कदम क्यों उठाया गया.
ग्रीस सरकार ने बड़े हेरिटेज प्रोटेक्शन उपाय के हिस्से के तौर पर 2009 में इस नियम को ऑफीशियली लागू कर दिया था. अधिकारियों का ऐसा मानना है कि हर साल लाखों टूरिस्ट पुराने स्मारकों को देखने आते हैं. छोटे और बार-बार होने वाले फिजिकल असर भी नाजुक पत्थर के स्ट्रक्चर को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकते हैं.
यह बैन ग्रीस की कुछ सबसे मशहूर जगहों पर लागू है. इसमें एथेंस का एक्रोपोलिस और पार्थेनन मंदिर, डायोनिसस का थिएटर, ओडियन ऑफ हेरोड्स एट्टिकस शामिल हैं. इन जगहों पर पुराने मार्बल और पत्थर के फर्श हैं जो दबाव और कटाव के लिए काफी सेंसिटिव हैं.
साइंटिस्ट और आर्कियोलॉजिस्ट ने यह चेतावनी दी है कि नुकीली हील्स एक व्यक्ति के पूरे शरीर का वजन काफी छोटे सरफेस एरिया पर जमा कर देती है. यह तेज पॉइंट प्रेशर सदियों पुराने मार्बल में छोटे-छोटे दरारें बना सकता है.
नियम तोड़ने पर पकड़े जाने वाले टूरिस्ट पर 900 यूरो तक का जुर्माना लग सकता है. भारतीय करेंसी में यह रकम ₹80,000 तक पहुंच जाती है. लापरवाही को रोकने और विरासत को बचाने की गंभीरता पर जोर देने के लिए जानबूझकर इतनी ज्यादा सजा रखी गई है.
भले ही किसी विजिटर ने पहले ही टिकट खरीद लिया हो गलत जूते पहनने पर एंट्री से मना किया जा सकता है. सिक्योरिटी गार्ड अक्सर गेट पर जूते चेक करते हैं.
पुरानी जगहों पर अक्सर ऊबड़-खाबड़, घिसी हुई और कभी-कभी फिसलने वाली सतह होती है. ऐसी जगह पर हाई हील्स पहन कर चलने से फिसलने और चोट लगने का भी खतरा बढ़ जाता है. इस वजह से यह नियम स्मारक और विजिटर दोनों की सुरक्षा करता है.