पानी के अंदर कैसे सोती हैं मछलियां, कभी सोचा है?

नींद के मायने इंसान से लेकर हर जानवर में अलग-अलग होते हैं. नींद लेना लगभग हर किसी के लिए बहुत जरूरी होती है.
यदि पेंग्विन दिन में 4 सेकेंड के लिए झपकी लेते हैं, लेकिन ऐसा वो दिन में 10 हज़ार से ज़्यादा बार कर लेते हैं. जिससे पूरे दिन में वो करीब 11 घंटे की नींद ले लेते हैं.
कुछ जानवर दिन में आधा घंटे सोते हैं तो कुछ दिनभर सोकर रात में जागते हैं. वहीं बात मछलियों की करें तो व्हेल को समुद्री स्तनधारी जीव होती हैं.
बता दें कि व्हेल जैसी कुछ मछलियां नींद में पानी से ऊपर आती हैं. सांस लेती हैं और फिर नीचे चली जाती हैं. वहीं स्पर्म व्हेल को नींद में किसी गुब्बारे की तरह पानी में ‘टंगे’ देखा जा सकता है.
वहीं शार्क को देखें तो वो हमेशा तैरकर ऑक्सीजन लेती हैं. वहीं कुछ शार्क एक जगह रुक कर सो सकती है. साफ़ शब्दों में कहें तो मछलियों के नींद लेने के तमाम तरीक़े हैं. हालांकि हमारी नींद से उनकी नींद काफ़ी अलग होती है.
इसी तरह मछलियां भी जब नींद में होती हैं तब उनकी आंखे बंद नहीं होतीं, हालांकि इस दौरान वो पूरी तरह नहीं सोतीं बल्कि किसी भी तरह के ख़तरे के लिए चौकन्नी भी रहती हैं.