✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा

Guru Nanak Jayanti 2022: गुरूनानक देव जी के कुछ मुख्य दोहे, समझिए इनका अर्थ

ABP Live   |  07 Nov 2022 10:49 PM (IST)
1

साचा साहिबु साचु नाइ भाखिआ भाउ अपारू आखहि मंगहि देहि देहि हिंदी अर्थ: प्रभु सत्य है और उसका नाम सत्य है. अलग-अलग विचारों, बोलियों और भावों में उसे अलग-अलग नाम दिये गये हैं. हर जीव उसकी दया की भीख मांगता है और सब जीव उसकी कृपा के अधिकारी है. प्रभु भी हमें अपने कर्मों के अनुसार अपनी दया प्रदान करता है.

2

करमी आवै कपड़ा, नदरी मोखु दुआरू, नानक एवै जाणीऐ, सभु आपे सचिआरू, दाति करे दातारू. हिंदी अर्थ: अच्छे बुरे कर्मों से यह शरीर बदल जाता है, हमें मोक्ष नही मिलता है. मुक्ति तो केवल ईश्वर की कृपा से ही संभव है. हमें अपने समस्त भ्रमों का नाश करके ईश्वर तत्व के ज्ञान को प्राप्त करना चाहिये. हमें ईश्वर की सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी सत्ता में विश्वास रखना चाहिये.

3

एक ओंकार सतिनाम, करता पुरखु निरभऊ. निरबैर, अकाल मूरत, अजुनी, सैभं गुर प्रसादि. हिंदी अर्थ: प्रभु एक है और वह हर जगह, हर एक कोने में व्याप्त है. वही परमपिता है. इसलिए सबके साथ प्यार से मिल-जुलकर रहना चाहिए.

4

हरि बिनु तेरो को न सहाई, काकी मात-पिता सुत बनिता, को काहू को भाई. हिंदी अर्थ: उस प्रभु के बिना कोई सहारा नहीं होता है. काकी, मां, बाप और पुत्र, सब तू ही तो है दूसरा और कोई नहीं.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • Guru Nanak Jayanti 2022: गुरूनानक देव जी के कुछ मुख्य दोहे, समझिए इनका अर्थ
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.