Silver Price : सोने के दाम तो रोज तय होते हैं, लेकिन चांदी के भाव कब बदलते हैं और कौन करता है तय?

Silver Price: सोने की कीमतें अक्सर सुर्खियों में रहती हैं क्योंकि वे रोज घटती बढ़ती रहती हैं. लेकिन चांदी की कीमतों में भी लगातार उतार-चढ़ाव आता है. इसका सीधा असर निवेशक, जौहरी और ग्राहकों पर पड़ता है. इसी बीच आइए जानते हैं कि चांदी का रेट कब बदलता है और उस रेट को कौन तय करता है.
चांदी का कारोबार अमेरिका में COMEX और लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन जैसे प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी एक्सचेंज के साथ-साथ भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर भी होता है. क्योंकि अलग-अलग टाइम जोन में कारोबार सक्रिय रहता है इस वजह से चांदी की कीमत हर सेकंड बदल सकती है. यही वजह है कि चांदी की कीमतों में पूरे दिन कई बार उतार चढ़ाव आता है.
हालांकि बाजार की मौजूदा कीमतें लगातार बदलती रहती हैं इसके बावजूद भी इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन हर दिन दो बार चांदी की एक आधिकारिक बेंचमार्क दर जारी करता है. यह दर एक बार सुबह और दूसरी बार शाम को जारी की जाती है.
चांदी की कीमतों की नींव अंतरराष्ट्रीय बाजारों में रखी जाती है. लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन और COMEX पर होने वाली कारोबारी गतिविधियां काफी हद तक चांदी के वैश्विक मूल्य को तय करती हैं.
भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज चांदी के वायदा कारोबार के लिए मुख्य मंच के रूप में काम करता है. यहां पर दिखाई जाने वाली कीमतें वैश्विक चांदी दर, घरेलू मांग, निवेशकों की सोच और आर्थिक स्थितियों से प्रभावित होती हैं.
भारत अपनी चांदी की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से इंपोर्ट करता है. यही वजह है कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये का मूल्य घरेलू चांदी की कीमतें तय करने में बड़ी भूमिका निभाता है. आमतौर पर रुपया कमजोर होने पर आयातित चांदी महंगी हो जाती है.
उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली आखिरी कीमत सिर्फ बाजार दर पर आधारित नहीं होती. इंपोर्ट ड्यूटी, जीएसटी और दूसरे सरकारी नियम कायदे चांदी की कीमत को बढ़ा देते हैं.