अमेरिका में पैदा हुए बच्चों को नहीं मिलेगी नागरिकता, जानें इसे लेकर भारत में क्या है नियम

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली. राष्ट्रपति बनते ही ट्रंप ने ऐसे कई सारे फैसलों पर मुहर लगाने का ऐलान कर दिया जिसका वादा वो अपनी चुनावी रैलियों में कर चुके थे.
इन्ही वादों में से एक था जन्मसिद्ध नागरिकता कानून. इस कानून के तहत अमेरिका में पैदा होने वाला हर बच्चा अमेरिका का नागरिक है. बशर्ते की उसके माता पिता जन्म आधारित नागरिकता के तहत आते हों.
ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही अब अमेरिका के इस कानून को खत्म कर दिया है जो सीधे सीधे अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन को चुनौती देता है.
इस संशोधन के तहत अमेरिका या उसकी हद में किसी भी अस्पताल या घर में या फिर कहीं और सीमा के अंदर पैदा होने वाला बच्चा अमेरिकी नागरिक होगा. लेकिन ट्रंप के इस फैसले से हजारों भारतीयों पर भी असर पड़ने वाला है.
हालांकि भारत में जन्मसिद्ध नागरिकता अलग अलग पहलुओं पर बंटी हुई है. अगर 1950 से पहले 1 जुलाई 1987 तक कोई बच्चा भारत में पैदा हुआ है तो वो भारत का नागरिक होगा, भले ही उसके मां बाप किसी भी देश से हों.
1987 से 2004 के बीच- अगर कोई बच्चा भारत में पैदा होता है, तो वह भारतीय नागरिक तभी होगा जब उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो.
3 दिसंबर 2004 के बाद- अगर कोई बच्चा भारत में पैदा होता है, तो वह भारतीय नागरिक तभी होगा जब उसके माता-पिता में से कम से कम एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा माता-पिता अवैध प्रवासी न हो. तथ्य मीडिया रिपोर्टस और आंकडो़ं के आधार पर हैं, पुष्टि के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें.