जब धरती से दूर अंतरिक्ष में इंसान ने पहली बार चखा खाने का स्वाद, आखिर क्या था पहला स्पेस मील?
1961 में सोवियत यूनियन के कॉस्मोनॉट यूरी गागरिन पहले इंसान बने जिन्होंने धरती से बाहर अंतरिक्ष में कदम रखा. वो वॉस्तोक 1 अंतरिक्ष यान से मात्र 108 मिनट की यात्रा पर गए थे.
इस छोटे से सफर में ही उन्होंने इतिहास रच दिया था, लेकिन इसी दौरान एक और इतिहास बना, यूरी गागरिन अंतरिक्ष में भोजन करने वाले पहले इंसान बने थे.
यूरी गागरिन को जो पहला स्पेस मील दिया गया था, वह हमारे सामान्य खाने जैसा बिल्कुल भी नहीं था. उनके पास दो ट्यूब थीं, एक में बीफ और लिवर का पेस्ट था और दूसरी में चॉकलेट सॉस. इन ट्यूब्स को स्क्वीज करके सीधे मुंह में लेना होता था.
इसे आप टूथपेस्ट जैसी पैकिंग समझ सकते हैं. उस दौर में वैज्ञानिकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही थी कि शून्य गुरुत्वाकर्षण में खाना कैसे खाया जाए? सामान्य खाने के टुकड़े तैरने लगते और सांस की नली में जाने का खतरा होता था.
इसलिए शुरुआती स्पेस मील को पूरी तरह से पेस्ट और लिक्विड फॉर्म में डिजाइन किया गया था. यूरी गागरिन ने रिपोर्ट में बताया था कि भोजन सामान्य था और स्वाद में किसी खास समस्या का अनुभव नहीं हुआ.
हालांकि पैकिंग और खाने का तरीका बिल्कुल अलग होने की वजह से यह एक नया अनुभव था. यह प्रयोग सफल रहा और यह साबित हो गया कि इंसान अंतरिक्ष में भी भोजन कर सकता है.
अब अंतरिक्ष यात्री सिर्फ पेस्ट या लिक्विड ही नहीं बल्कि फ्रीज-ड्राइड फूड, फल, नट्स, ब्रेड, यहां तक कि पिज्जा और आइसक्रीम जैसी चीजें भी खा सकते हैं.