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हर लोहे पर जंग लग जाता है लेकिन रेल की पटरियों पर क्यों नहीं लगता

एबीपी लाइव   |  31 Dec 2023 09:15 PM (IST)
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ट्रेन जिन पटरियों पर दौड़ती है वो हमेशा खुले में रहते हैं, लेकिन उन पर कभी भी जंग नहीं लगती. लेकिन आखिर ऐसा होता क्यों है. इन पटरियों के लोहे में ऐसा क्या है कि इनमें जंग नहीं लगती.

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पहले ये जानिए कि आखिर लोहे में जंग क्यों लगती है. दरअसल, जब कोई लोहा ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में आता है तो उस पर आयरन ऑक्साइड की एक परत जमने लगती है. इसे ही जंग कहते हैं.

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लेकिन अब सवाल उठता है कि रेल की पटरियां तो हमेशा ऑक्सीजन और नमी के संपर्क में रहती हैं फिर उन पर क्यों आयरन ऑक्साइड की परत नहीं जमती.

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इसका कारण है रेल की पटरियों में इस्तेमाल होने वाला खास लोहा. दरअसल, रेल की पटरियां खास किस्म के लोहे से बनाई जाती हैं, इसे मैगनीज स्‍टील कहते हैं. आपको बता दें, इसे स्टील और मेंगलॉय को मिलाकर बनाया जाता है.

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आपको बता दें, मैगनीज स्‍टील में 12 फीसदी मैगनीज और 0.8 फीसदी कार्बन मिलाया जाता है. यही वजह है कि रेल की पटरियों पर ऑक्सीडेशन का असर नहीं होता. यही कारण है कि कई सालों तक रेल की पटरियों में जंग नहीं लगता.

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आपको रेलवे से जुड़ी एक और जानकारी देते हैं. आपको बता दें भारतीय रेलवे ट्रैक 115,000 किमी से ज्‍यादा लंबे क्षेत्र में फैला हुआ है और भारतीय रेलवे ट्रैक की लंबाई 67,368 किमी से ज्यादा है.

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