Tightens Train Tracks Nuts: ट्रेन चलने से सैकड़ों किलोमीटर पटरियों के नट बोल्ट हो जाते हैं लूज, इन्हें टाइट कौन करता है?

Tightens Train Tracks Nuts: भारत में लाखों लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं. किसी को उनकी मंजिल मिल जाती है तो कोई मंजिल की तलाश में सैकड़ों किलोमीटर दूर भटकता रहता है. ये ट्रेनें लाखों की संख्या में यात्रियों को इधर से उधर पहुंचाने के लिए पटरियों पर दिन-रात दौड़ा करती हैं. ऐसे में पटरियों के नटबोल्ट ढीले हो जाते हैं, जिससे एक्सीडेंट का खतरा रहता है. तो इन नटबोल्ट्स को कौन टाइट करता है, चलिए जानें.
रेलवे ट्रैक के मेंटेनेंस कर्मचारी अक्सर टॉर्क और रिंच जैसे विशेष उपकरणों का उपयोग करते हुए, नट बोल्ट को कसने का काम करते हैं. इन कर्मचारियों को गैंगमैन कहा जाता है.
रेलवे के ये कर्मचारी नटबोल्ट को कसते हुए रेल को सुरक्षित करते हैं और ट्रैक की स्थिरता सुनिश्चित करते हैं. जिससे कि कोई ट्रेन पटरी से न उतर जाए.
ट्रैक को टूटने से बचाने और सुरक्षित ट्रेन संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उचित रूप से टाइट नट बोल्ट महत्वपूर्ण हैं.
ट्रैक मेंटेनेंस क्रू जो रेलवे ट्रैक की रखरखाव प्रक्रियाओं में प्रशिक्षित होते हैं वे इन फास्टनरों को कसने का काम संभालते हैं.
रेलवे ट्रैक के फास्टनर्स जिनमें बोल्ट, नट और फिटप्लेट (जो दो पटरियों को जोड़ती है) शामिल होते हैं. इसकी वजह से ट्रैक जगह पर बना रहता है.
वाइब्रेशन और डायनमिक लोड के जरिए बोल्ट को ढीला कर सकते हैं, इसलिए उचित रखरखाव और कसना जरूरी है.
कुछ रेलवे हार्डलॉक नट का इस्तेमाल करते हैं, जो वाइब्रेशन के कारण नट्स के ढीलेपन को रोकने के लिए डिजाइन किए गए हैं.