✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

कुत्ता या हाथी नहीं, ये जानवर है इंसान के बाद सबसे ज्यादा समझदार- साफ पानी इसका ठिकाना

निधि पाल   |  25 Jul 2026 10:15 AM (IST)
कुत्ता या हाथी नहीं, ये जानवर है इंसान के बाद सबसे ज्यादा समझदार- साफ पानी इसका ठिकाना

जब भी दुनिया के सबसे बुद्धिमान जीवों की बात होती है, तो लोगों के दिमाग में सबसे पहले कुत्ते या हाथी का नाम आता है. हालांकि, आधुनिक वैज्ञानिक शोधों और अध्ययनों ने इस पुरानी धारणा को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है. वैज्ञानिकों की मानें तो इंसानी दिमाग के बाद धरती पर सबसे तेज और बुद्धिमान और समझदार जीव डॉल्फिन है. यह जलीय प्राणी न केवल असाधारण दिमागी क्षमता रखता है, बल्कि इसका मुख्य ठिकाना साफ और मीठा पानी होता है. डॉल्फिन अपनी खास क्षमताओं, सामाजिक व्यवहार और याददाश्त के मामले में बाकी सभी जानवरों से कई कदम आगे है.

1

डॉल्फिन की बुद्धिमता का सबसे बड़ा प्रमाण उनकी आत्म-जागरूकता यानी खुद को पहचानने की शक्ति है. दुनिया में ऐसे बहुत कम प्राणी हैं, जो शीशे में अपनी परछाईं को समझ पाते हैं और डॉल्फिन उनमें से एक है.

Continues below advertisement
2

इसके अलावा डॉल्फिन के पास एक बेहद जटिल सामाजिक व्यवस्था होती है. ये आपस में बातचीत के लिए खास तरीके की सीटी का इस्तेमाल करती हैं. हैरान करने वाली बात यह है कि ये एक-दूसरे को बुलाने के लिए अलग-अलग सीटी बजाती हैं, जो कि एक तरह से उनका नाम होता है.

Continues below advertisement
3

डॉल्फिन सिर्फ इशारों में बात नहीं करती है, बल्कि इंसानों की तरह से औजारों का इस्तेमाल करना भी जानती है. भोजन या शिकार की तलाश करते समय वे समुद्र और नदियों के तल में मौजूद स्पंज का इस्तेमाल अपनी नाक की सुरक्षा के लिए करती हैं.

4

रिसर्च बताते हैं कि डॉल्फिन लगभग 20 साल से भी अधिक समय तक अपने पुराने साथियों की आवाज और उनकी विशिष्ट सीटियों को याद रख सकती है. यह खूबी उनको धरती के सबसे बुद्धिमान जीवों की श्रेणी में सबसे ऊपर खड़ा करती है.

5

आमतौर पर डॉल्फिन को समुद्र से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इनकी कई महत्वपूर्ण प्रजातियां नदियों के साफ और मीठे पानी में पाई जाती हैं. भारत, नेपाल और बांग्लादेश की नदियों में रहने वाली गंगा डॉल्फिन इसका बेहतरीन उदाहरण हैं.

6

गंगा डॉल्फिन को भारत सरकार के द्वारा राष्ट्रीय जलीय जीव का दर्जा दिया गया है. भारत के अलावा दक्षिण अमेरिका की अमेजन नदी में पाई जाने वाली बोटो और एशियाई क्षेत्रों की इरावदी डॉल्फिन भी मीठे और साफ पानी के प्राकृतिक आवाज में ही फलती-फूलती हैं.

7

नदियों के बहते पानी में गाद और मटमैलेपन की वजह से मीठे पानी में रहने वाली डॉल्फिनों की आंखों की रोशनी काफी कमजोर हो जाती है, जिससे कि वे लगभग अंधी हो जाती हैं. अपनी इस शारीरिक सीमा से निपटने के लिए ये डॉल्फिन इकोलोकेशन यानी ध्वनि तरंगों का सहारा लेती हैं.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • कुत्ता या हाथी नहीं, ये जानवर है इंसान के बाद सबसे ज्यादा समझदार- साफ पानी इसका ठिकाना
Continues below advertisement
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.