Water Snake: क्या पानी वाले सांपों में भी होता है जहर, इंसान को काट लें तो क्या होगा?

Water Snake: पानी के सांप अक्सर कई सारे मिथक से घिरे रहते हैं. कई लोग ऐसा मानते हैं कि पानी में पाया जाने वाला सांप काफी ज्यादा जहरीला होता है. असल में खतरा पूरी तरह से प्रजाति पर निर्भर करता है. आइए जानते हैं पानी के सांपों के बारे में और जानकारी.
पानी के सांप अलग-अलग प्रजाति के होते हैं. आमतौर पर तालाब, नहरों और नदियों में देखे जाने वाले ज्यादातर मीठे पानी के सांप बिना जहर के होते हैं. वहीं महासागरों में पाए जाने वाले ज्यादातर समुद्री सांपों में काफी ज्यादा जहर होता है.
भारत में सबसे आम मीठे पानी के सांपों में से एक चेकर्ड कीलबैक है. इसे अक्सर पानी वाला सांप कहा जाता है. हालांकि यह डराने वाला लग सकता है और खतरा होने पर काट सकता है. लेकिन इसका काटना घातक नहीं होता.
समुद्री सांपों को पृथ्वी पर सबसे जहरीले सांपों में से एक माना जाता है. उनका जहर न्यूरोटॉक्सिक और मायोटॉक्सिक है. यानी यह तंत्रिका तंत्र और मांसपेशियों पर हमला करता है. समय पर उपचार के बिना यह जानलेवा बन सकता है.
जहरीले समुद्री सांप का काटना शुरू में हल्का लग सकता है लेकिन लक्षण तेजी से बढ़ सकते हैं. पीड़ितों को मांसपेशियों में दर्द, पैरालिसिस, सांस लेने में मुश्किल और यहां तक की गुर्दे में भी परेशानी का अनुभव हो सकता है.
पानी वाले सांप मछली और दूसरे शिकार का शिकार करने में काफी माहिर होते हैं. अलग-अलग जलीय वातावरण में पनपने के लिए पानी वाले सांप विकसित हुए हैं.
सबसे बड़े जोखिम में से एक है जहरीले जमीनी सांपों को हानिरहित जल सांपों के साथ भ्रमित करना. कोबरा या फिर रसेल वाइपर जैसी प्रजातियां कभी-कभी जल निकायों में प्रवेश कर सकती हैं. इससे लोग यह मान लेते हैं कि वे बिना जहर के सांप हैं.