✕
  • होम
  • इंडिया
  • विश्व
  • उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड
  • बिहार
  • दिल्ली NCR
  • महाराष्ट्र
  • राजस्थान
  • मध्य प्रदेश
  • हरियाणा
  • पंजाब
  • झारखंड
  • गुजरात
  • छत्तीसगढ़
  • हिमाचल प्रदेश
  • जम्मू और कश्मीर
  • बॉलीवुड
  • ओटीटी
  • टेलीविजन
  • तमिल सिनेमा
  • भोजपुरी सिनेमा
  • मूवी रिव्यू
  • रीजनल सिनेमा
  • क्रिकेट
  • आईपीएल
  • कबड्डी
  • हॉकी
  • WWE
  • ओलिंपिक
  • धर्म
  • राशिफल
  • अंक ज्योतिष
  • वास्तु शास्त्र
  • ग्रह गोचर
  • एस्ट्रो स्पेशल
  • बिजनेस
  • हेल्थ
  • रिलेशनशिप
  • ट्रैवल
  • फ़ूड
  • पैरेंटिंग
  • फैशन
  • होम टिप्स
  • GK
  • टेक
  • ट्रेंडिंग
  • शिक्षा
  • ऑटो

Doppelganger: क्या सच में दुनिया में होते हैं एक शक्ल के 7 लोग? जानें इसके पीछे का साइंस और इसकी असलियत

स्पर्श गोयल   |  04 Jul 2026 03:35 PM (IST)
Doppelganger: क्या सच में दुनिया में होते हैं एक शक्ल के 7 लोग? जानें इसके पीछे का साइंस और इसकी असलियत

Doppelganger: यह बात दशकों से मानी जाती आ रही है कि दुनिया में हर इंसान के सात हमशक्ल होते हैं. हालांकि इस बात का कोई भी वैज्ञानिक सबूत नहीं है और इसे लोक कथाओं पर ही आधारित एक मिथक माना जाता है. शोधकर्ताओं के मुताबिक भले ही अनजान लोग एक दूसरे जैसे दिख सकते हैं लेकिन 100% एक जैसा चेहरा पाने की संभावना काफी कम होती है. आइए जानते हैं इस बारे में पूरी जानकारी.

1

इस बात का कोई भी वैज्ञानिक सबूत नहीं है कि दुनिया में हर व्यक्ति के सात हमशक्ल होते हैं. इसे एक मशहूर मिथक माना जाता है जो लोक कथाओं से चला आ रहा है.

Continues below advertisement
2

एडेलेड यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने चेहरे के कई अहम मापों का एनालिसिस किया और पाया कि दो अनजान लोगों के चेहरे के सभी मुख्य फीचर्स पूरी तरह से मेल खाने की संभावना लगभग 1 ट्रिलियन में से एक है. दुनिया की आबादी लगभग 8 अरब है इस वजह से ऐसा सटीक मेल लगभग नामुमकिन ही माना जाता है.

Continues below advertisement
3

इंसान चेहरों को सटीक माप के बजाय उनके कुल लुक से पहचानते हैं. एक जैसे हेयर स्टाइल, चेहरे के बाल, आंखों का रंग या फिर हाल भाव दो अनजान लोगों को लगभग एक जैसा दिखा सकते हैं. भले ही उनके चेहरे की बनावट में अहम अंतर हो.

4

हालांकि हर इंसान का लगभग 99.9% डीएनए एक जैसा ही होता है लेकिन चेहरे का लुक सिर्फ एक छोटे हिस्से से तय होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि अरबों लोगों में कई जेनेटिक गुण एक जैसे होते हैं. इस वजह से अनजान लोगों के चेहरे बिना किसी बायोलॉजिकल संबंध के भी काफी हद तक एक जैसे हो सकते हैं.

5

वैज्ञानिक रिसर्च में ऐसे अनजान लोग देखने को मिले हैं जिनके चेहरे में काफी समानताएं हैं. इन्हें कभी-कभी ट्विन स्ट्रेंजर्स कहा जाता है. इन लोगों में चेहरे के फीचर्स को प्रभावित करने वाले कुछ जेनेटिक पैटर्न एक जैसे हो सकते हैं.

6

इस खास दावे का की हर किसी के सात हमशक्ल होते हैं कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है. ऐसा कहा जाता है कि यह बात पुरानी लोक कथा, कहानियों की परंपरा और बाद में मनोवैज्ञानिक व्याख्याओं से निकली है.

  • हिंदी न्यूज़
  • फोटो गैलरी
  • जनरल नॉलेज
  • Doppelganger: क्या सच में दुनिया में होते हैं एक शक्ल के 7 लोग? जानें इसके पीछे का साइंस और इसकी असलियत
Continues below advertisement
About us | Advertisement| Privacy policy
© Copyright@2026.ABP Network Private Limited. All rights reserved.