Diwali 2025: यहां होती है दुनिया की सबसे बड़ी नॉन-इंडियन दिवाली, दीयों की रोशनी में नहा जाता है पूरा शहर
लीसेस्टर की दिवाली दुनिया की सबसे बड़ी नॉन-इंडियन दिवाली मानी जाती है. यहां हर साल करीब 40,000 से ज्यादा लोग एक साथ दीये जलाने और आतिशबाजी देखने आते हैं. लीसेस्टर की बेलग्रेव रोड, जिसे लोग प्यार से गोल्डन माइल कहते हैं, पूरी तरह सुनहरी लाइट्स से सजाई जाती है.
सड़क के दोनों ओर भारतीय मिठाइयों, कपड़ों और सजे हुए दीयों की दुकानें चमकती हैं. वहीं, साउथहॉल में दिवाली का उत्सव भारतीयता की असली झलक दिखाता है. यहां सिख, हिंदू और मुसलमान सभी लोग मिलकर रोशनी का त्योहार मनाते हैं.
जगह-जगह पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और बॉलीवुड डांस होते हैं. कई जगहों पर बच्चे रामायण के सीन भी प्रस्तुत करते हैं. साउथहॉल ब्रॉडवे पर शाम को लोगों की भीड़ इतनी होती है कि ऐसा लगता है जैसे दिल्ली की चांदनी चौक की गलियों में आ गए हों.
दिवाली का सबसे अनोखा नजारा थेम्स नदी पर देखने को मिलता है, जहां श्रद्धालु दीये तैराते हैं. यह नजारा भारत की गंगा आरती की याद दिला देता है. नदी के किनारे लंदनवासी भी इस परंपरा में शामिल होते हैं और भारतीय संस्कृति के रंग में सराबोर हो जाते हैं.
ब्रिटेन में रहने वाले कई भारतीय परिवारों के लिए यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर है. यूके की सरकार भी इसे एक कम्युनिटी फेस्टिवल की तरह मान्यता देती है.
लंदन के मेयर और सांसद तक हर साल दिवाली कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और कहते हैं कि दिवाली अब ग्लोबल लाइट फेस्टिवल बन चुकी है.
मिठाइयों की खुशबू, संगीत की धुनें, और पारंपरिक परिधानों की चमक यह सब मिलकर लंदन की दिवाली को खास बनाते हैं.