Cold Wave Delhi: दिल्ली-एनसीआर में चली पहली शीत लहर, कितने तापमान पर ऐसा होता है तय?
मैदानी इलाकों में शीत लहर तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या फिर उससे नीचे चला जाता है. इसी के साथ सामान्य तापमान से अंतर 4.5 डिग्री सेल्सियस और 6.4 डिग्री सेल्सियस के बीच होता है.
भले ही सामान्य तापमान से अंतर की गणना ना की जाए लेकिन इसके बावजूद भी शीतलहर घोषित की जा सकती है. ऐसा तब होता है अगर न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे चला जाए. यही वजह है कि जैसे ही तापमान 3 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच दिल्ली एनसीआर में शीतलहर घोषित कर दी गई.
मैदानी इलाकों में गंभीर शीत लहर तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस या उससे कम हो जाता है. या फिर ऐसा तब भी किया जाता है जब सामान्य तापमान से अंतर 6.4 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा हो जाता है.
पहाड़ी इलाकों में बेंचमार्क और भी ज्यादा सख्त है. शीत लहर तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान जीरो डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे पहुंच जाता है. इसके अलावा सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से 6.4 डिग्री सेल्सियस नीचे चले जाने पर भी शीत लहर घोषित कर दी जाती है.
क्योंकि तटीय क्षेत्रों में आमतौर पर हल्की सर्दी होती है इस वजह से वहां शीतलहर तब घोषित की जाती है जब न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस या उससे नीचे चला जाता है. साथ ही सामान्य से अंतर कम से कम 4.5 डिग्री सेल्सियस का होना चाहिए.
यह दिल्ली एनसीआर के कुछ हिस्सों के लिए 13 सालों में जनवरी का सबसे ठंडा तापमान रहा है. ऐसी शीतलहर स्वास्थ्य, कृषि, परिवहन और ऊर्जा की मांग पर काफी ज्यादा असर डालती है.