ये है देश की सबसे बड़ी फ्लाइट ऑपरेटर एयरलाइंस, 100-200 नहीं..हर रोज उड़ती हैं 21,00 फ्लाइट
देश के आसमान में हर मिनट गूंजती जेट इंजनों की आवाज आपको एक ही नाम की ओर ले जाती है इंडिगो. यह वह एयरलाइन है जो भारत के घरेलू हवाई सफर का आधे से ज्यादा हिस्सा अपने कंधों पर उठाती है और रोजाना दो हजार नहीं बल्कि पूरे 2,100 से भी ज्यादा उड़ानें भरकर देश का हवाई नक्शा जिंदा रखती है.
लेकिन हैरानी की बात ये है कि इतनी विशाल एयरलाइन इन दिनों एक ऐसे दौर से गुजर रही है जिसने न सिर्फ यात्रियों को परेशान किया बल्कि कंपनी की चकाचौंध चमकते ब्रांड पर भी धूल जमा दी है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब आसमान की असली बादशाह कही जाने वाली इंडिगो इतनी ताकतवर है, तो फिर कौन-सा झटका इसे डगमगाता जा रहा है?
इंडिगो को ऑपरेट करने वाली InterGlobe Aviation भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट एविएशन कंपनी है. यह वही कंपनी है जिसने घरेलू उड्डयन बाजार में 62 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी हासिल कर रखी है. 39 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के बल पर हर दिन 2100 से अधिक उड़ानें भरने वाली यह एयरलाइन न सिर्फ यात्री संख्या में बल्कि नेटवर्क के लिहाज से भी भारत की धुरी बन चुकी है.
लेकिन बीते दिनों में जिस तरह अचानक बड़ी संख्या में फ्लाइटें रद्द हुईं, उसने उस मशीनरी के भीतर झांकने की उत्सुकता बढ़ा दी, जो इतने बड़े एविएशन इंजन को रोज चलाती है.
पिछले दो दिनों में ही इंडिगो ने 200 से ज्यादा उड़ानें रद्द कीं. फिलहाल कंपनी एक ऐसे ऑपरेशनल संकट में है, जिसके पीछे कई परतें हैं. पहली परत तकनीकी खामियां. सामान्य तौर पर एयरलाइंस रोज ऐसी तकनीकी परेशानियों का सामना करती हैं, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में इसके मामले बढ़ गए हैं, जिससे शेड्यूल गड़बड़ा गया.
दूसरी परत सर्दियों की बदली समय-सारणी है. दिसंबर आते ही कई राज्यों में कोहरा बढ़ जाता है, ऐसे में फ्लाइट शेड्यूल में बदलाव अनिवार्य हो जाता है और इसी फेरबदल में कई उड़ानें बैक-टू-बैक लेट होती चली गईं.
सबसे बड़ा झटका तब लगा जब DGCA ने 1 नवंबर से नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन नियम लागू कर दिए. इन नियमों के तहत मध्यरात्रि से सुबह 6 बजे के बीच पायलटों की लैंडिंग पर पाबंदियां बढ़ा दी गईं और उनका आराम समय लंबा कर दिया गया. इससे क्रू की उपलब्धता अचानक कम हो गई. एयरलाइन जितनी उड़ानें ऑपरेट कर रही थी, उतने पायलट और केबिन क्रू शेड्यूल पर उपलब्ध नहीं रहे. इस वजह से कंपनी को मजबूरन फ्लाइटें रद्द करनी पड़ीं.