टिक-टिक की सुई एक दिन पूरा करने में अब लगाएगी 25 घंटे? पहले 23 घंटे का होता था दिन
तकनीकी यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख (TUM) के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि पृथ्वी के घूमने के ट्रेंड के कारण एक दिन में 25 घंटे भी हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि यह खगोल विज्ञान के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि पृथ्वी की घूमन में उतर-चढ़ाव बहुत महत्वपूर्ण होता है.
TUM की इस रिसर्च के प्रोजेक्ट लीडर उलरिच श्रेइबर ने बताया कि पृथ्वी के रोटेशन में इस तरह का बदलाव बहुत महत्वपूर्ण है.
इसके बारे में बहुत सी दिलचस्प जानकारियाँ मिलती हैं. इस रिसर्च से यह भी पता चलता है कि पृथ्वी की घूमन में हो रहा ट्रेंड घंटों के बढ़ने का संकेत दे रहा है.
रिपोर्ट में बताया गया है कि एक विशेष तरह के दबाव वाले हिस्से में धरती के 20 फीट नीचे एक लेजर रिंग होता है, जो धरती के घूर्णन की गति में होने वाले बदलाव को तुरंत पकड़ लेता है. इससे घंटों के बढ़ने की संभावना पर वैज्ञानिकों ने अपनी मुहर लगाई है.
खगोल वैज्ञानिक दावा करते हैं कि आज तो 24 घंटे का दिन है, लेकिन ऐसा हमेशा नहीं था. डायनासोर के दौरान एक दिन में 23 घंटे होते थे. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया था कि उस समय चांद धरती के कुछ करीब था.