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इस देश में बदल रहा कुत्तों का रंग, 39 साल पहले हुई त्रासदी का अब क्यों हो रहा असर?

निधि पाल   |  28 Oct 2025 06:25 PM (IST)
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यूक्रेन का चेरनोबिल, जिसे कभी दुनिया का सबसे खतरनाक इलाका कहा जाता था, एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह हैरान करने वाली है. यहां घूमने वाले कुत्तों का रंग अचानक बदल गया है.

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कुछ कुत्ते पूरी तरह नीले नजर आए हैं, जबकि कुछ के फर पर नीली परत साफ दिखाई दे रही है. इस घटना ने वैज्ञानिकों और स्थानीय अधिकारियों दोनों को चौंका दिया है.

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दरअसल, ये वही कुत्ते हैं जो 1986 में हुई चेरनोबिल परमाणु आपदा के बाद पीछे छूट गए जानवरों की अगली पीढ़ी हैं. करीब 18 वर्ग मील के निषिद्ध क्षेत्र में आज लगभग 700 कुत्ते रहते हैं. इनकी देखभाल करने वाले स्वयंसेवी समूहों ने हाल ही में एक वीडियो साझा किया, जिसमें कुछ कुत्ते नीले फर में नजर आए.

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पोस्ट में लिखा था, ‘पिछले हफ्ते ये नीले नहीं थे, हमें नहीं पता यह कैसे हुआ, लेकिन हम जांच कर रहे हैं.’ पहले तो लोगों ने इसे रेडिएशन का असर माना, लेकिन वैज्ञानिकों ने तुरंत इस संभावना से इंकार नहीं किया.

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वैज्ञानिकों ने कहा है कि केमिकल एक्सपोजर की आशंका भी उतनी ही मजबूत है. संभव है कि कुत्ते किसी औद्योगिक कचरे, धातु या कॉपर सल्फेट जैसे रासायनिक पदार्थ के संपर्क में आए हों.

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विशेषज्ञों का कहना है कि चेरनोबिल क्षेत्र में अब भी कई पुरानी फैक्ट्रियों के अवशेष हैं. हो सकता है कुत्तों ने किसी ऐसे स्थान पर आश्रय लिया हो जहां किसी केमिकल का रिसाव हुआ हो. हालांकि अभी तक किसी भी कुत्ते को पकड़कर उनकी जांच नहीं की जा सकी है.

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जैसे ही कुछ सैंपल मिलेंगे, तभी यह साफ हो पाएगा कि यह परिवर्तन जैविक है या सिर्फ बाहरी रासायनिक प्रभाव. वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर यह बदलाव रेडिएशन से जुड़ा है तो यह एक बड़ी खोज साबित हो सकती है, क्योंकि इसका मतलब होगा कि चेरनोबिल का इकोसिस्टम अब भी जेनेटिक परिवर्तन झेल रहा है.

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