Ceiling Fan: इस देश में नहीं होता छत वाले पंखे का इस्तेमाल, जानें गर्मी से कैसे मिलती है राहत?

Ceiling Fan: भारत जैसे देशों में सीलिंग पंखे काफी ज्यादा आम हैं. लेकिन वे जर्मनी, फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम जैसे कई यूरोपीय देशों में काफी दुर्लभ हैं. इसकी वजह प्रौद्योगिकी की कमी नहीं बल्कि जलवायु, वास्तुकला और अलग जीवनशैली है. आइए जानते हैं कि जब इन देशों में सीलिंग पंखे का इस्तेमाल नहीं होता तो वहां गर्मी से कैसे निपटा जाता है.
ज्यादातर यूरोपीय देशों में हल्की गर्मी और लंबी ठंडी सर्दी का मौसम होता है. ट्रॉपिकल देशों के उलट उन्हें साल के ज्यादातर समय में ठंडी हवा की जरूरत नहीं होती. इस वजह से रोजमर्रा की जिंदगी में छत के पंखे काफी हद तक गैर जरूरी हो जाते हैं.
फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों में ऐतिहासिक घरों में ज्यादातर मोटी पत्थर की दीवार और ऊंची छत होती हैं. इस तरह के घर बाहर की गर्मी के ज्यादातर हिस्से को धीमा कर देते हैं. इस वजह से इंडोर जगह को गर्म मौसम के दौरान भी आरामदायक रहने में मदद मिलती है.
कई यूरोपीय घरों में सीधी धूप को कमरों में आने से रोकने के लिए बाहरी शटर, ब्लाइंड और भारी पर्दों का इस्तेमाल किया जाता है. दिन के सबसे गर्म हिस्से के दौरान सूरज की गर्मी को रोक कर आंतरिक भाग काफी ठंडा रहता है.
तापमान कम होने पर लोग अक्सर रात और सुबह के समय खिड़कियां खोलते हैं. ठंडी हवा घर में आती हैं और दिन के दौरान खिड़कियां बंद करने से अंदर रुक जाती है.
जब ज्यादा ठंडी हवा की जरूरत होती है तो निवासी आमतौर पर पेडेस्टल पंखे, टेबल पंखे पर पोर्टेबल उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं. इन्हें स्थापित करना आसान है. इसके लिए कम स्थायी बुनियादी ढांचे की जरूरत होती है और इन्हें कमरों के बीच ले जाया जा सकता है.
लू के समय का यूरोपीय लोग पार्क, झील के पास या फिर सार्वजनिक धुंध स्टेशन के आसपास समय बिताते हैं. वे गर्मी पैदा करने वाले उपकरणों का इस्तेमाल भी कम करते हैं.