इस्लाम के अलावा और किस धर्म में होता है खतना, जानें कहां-कहां निभाई जाती है ये प्रथा

circumcision in Islam: दुनियाभर में कई धर्म के लोग रहते हैं और इन सभी में अलग-अलग परंपराएं होती है, जो कई सालों से चल आ रही हैं. इन्हीं परंपराओं में से एक मुस्लिम समुदाय में खतना की परंपरा भी है. इस परंपरा को लेकर कई मान्यताएं भी चलन में है.
ज्यादातर लोग मानते हैं कि खतना की परंपरा सिर्फ मुस्लिम समुदाय में निभाई जाती है, जबकि ऐसा नहीं है. खतना मुस्लिम समुदाय के अलावा दूसरे धर्म में भी निभाया जाता है.
दरअसल, खतना एक शल्य प्रक्रिया होती है, जिसमें पुरुष के पेनिस की स्किन को हटा दिया जाता है. आमतौर पर नवजात बच्चों में यह प्रक्रिया की जाती है, हालांकि बड़े बच्चों और बड़ों में भी जरूरत पड़ने पर खतना कराया जा सकता है.
खतना का सबसे ज्यादा संबंध इस्लाम से माना जाता है, लेकिन इस्लाम के अलावा यहूदी धर्म में भी खतना किया जाता है. मुस्लिम समुदाय में इसे धार्मिक परंपरा का हिस्सा माना जाता है और कई परिवारों में बच्चों का खतना कम उम्र में ही कर दिया जाता है.
जबकि यहूदी धर्म में भी खतना का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसे ईश्वर के आदेश और पैगंबर इब्राहिम से जुड़ी परंपरा के रूप में देखा जाता है. इसके अलावा अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया की कुछ जनजातियों में भी यह सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा माना जाता है.
धार्मिक कारणों के अलावा कई बार मेडिकल जरूरतों के चलते भी खतना कराया जाता है. डॉक्टरों के अनुसार, फाइमोसिस, बैलेनाइटिस, पैराफाइमोसिस, पोस्थाइटिस और बैलेनोपोस्थाइटिस जैसी स्थितियों में खतना की सलाह दी जाती है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, खतना के बाद पेनिस की सफाई करना आसान हो जाता है. फोरस्किन हट जाने से स्किन के नीचे गंदगी और बैक्टीरिया जमा होने की संभावना कम हो सकती है. कुछ रिसर्च में यह भी पाया गया है कि खतना करवाने वाले पुरुषों में यूटीआई का खतरा कम हो सकता है.
इसके साथ ही फोरस्किन से जुड़ी कुछ समस्याओं और दुर्लभ मामलों में पेनाइल कैंसर के खतरों को कम करने की बात भी कई रिसर्च में कही गई है.
इसके फायदे के साथ किसी भी सर्जरी की तरह खतना में कुछ खतरे भी हो सकते हैं. एक्सपर्ट के अनुसार ब्लीडिंग और इन्फेक्शन इसकी सबसे नॉर्मल समस्या मानी जाती है. हालांकि एक्सपर्ट डॉक्टर से किए जाने पर गंभीर समस्या बहुत कम देखने को मिलती है.