ये तो आप जानते हैं कि जानवर रोते हैं, लेकिन क्या ये हंसते भी हैं?

इंसान दुनिया का इकलौता ऐसा जीव है जो अपनी भावनाओं को अलग-अलग भावों के दर्शा सकता है. इंसान हंस भी सकता है रो भी सकता है.
भावना को दर्शाने के मामले में जानवर भी इंसानो से कम नहीं हैं. जानवर भी इंसानों की तरह भावनाएं व्यक्त करते हैं. जानवरों को भी अक्सर रोता हुआ देखा होगा.
लेकिन ऐसा बेहद कम होता है जब जानवरों को हंसता हुआ देखा गया हो. कई लोगों का मानना होता है जानवर रो तो सकते हैं लेकिन हंस नहीं सकते.
जानवरों की हंसी को लेकर महान वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन ने अपने किताब 'एक्सप्रेशन ऑफ इमोशन्स इन मैन एंड एनिमल्स' में जिक्र किया है.
चार्ल्स डार्विन ने चिम्पांजी और अन्य जानवरों की हंसी के रिएक्शन के बारे में बताया था. इस पर जर्मनी के हनोवर विश्वविद्यालय ने भी शोध किया और पाया कि जानवरों की हंसी भी इंसानों जैसी होती है.
आप कई जगहों पर बंदर और चिंपांजी को हंसते हुए देखा होगा. यह भी इस बात के संकेत है कि जानवर भी इंसानों तरह हंसते हैं.
तो वहीं जानवरों पर किए शोध में इस बात का भी पता चला है कि चूहे, चिंपैंज़ी, कुत्ते और कुछ जानवर जब हंसते हैं. तो अलग तरह की आवाजें निकालते हैं.