Nuclear Hosting Country: अमेरिका और रूस ने इन देशों में भी रखे हैं अपने परमाणु हथियार, जानें क्या होती हैं न्यूक्लियर होस्टिंग कंट्री

जब भी किन्हीं दो देशों के बीच तनाव शुरू होता है तो सबसे पहले परमाणु हथियारों का जिक्र शुरू हो जाता है. ऐसा ही भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम हमले के बाद शुरू हुए विवाद को लेकर हो रहा है.
इन देशों की संख्या 6 है, जिनमें इटली, जर्मनी, तुर्किए, बेल्जियम और नीदरलैंड में अमेरिका ने अपने परमाणु हथियार रखे हैं. वहीं रूस ने अपने कुछ परमाणु हथियारों को बेलारूस में रखा है.
इसी बहस के बीच लोग परमाणु हथियारों को लेकर कई तरह की चीजें सर्च कर रहे हैं. कुछ लोग उन देशों का नाम भी बता रहे हैं जो न्यूक्लियर पावर हैं, यानी जिनके पास खतरनाक परमााणु बमों का जखीरा है. भारत और पाकिस्तान भी उन 9 देशों की लिस्ट में शामिल हैं.
अमेरिका के पास दुनिया में दूसरे सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं, पहले नंबर पर रूस आता है. अमेरिका के पास करीब पांच हजार 200 परमाणु हथियार हैं, लेकिन अमेरिका और रूस ने सारे परमाणु हथियार अपने देश में नहीं रखे हैं.
आज हम आपको ऐसे देशों के बारे में बताएंगे जिन्हें न्यूक्लियर होस्टिंग कंट्री कहा जाता है. यानी ये ऐसे देश होते हैं, जो अमेरिका या फिर रूस के परमाणु हथियारों को अपने देश में रखते हैं.
ताकतवर देश ऐसा इसलिए भी करते हैं, क्योंकि वो जरूरत पड़ने पर दूसरे देशों में रखे इन हथियारों का इस्तेमाल कर पाएं. ये एक तरह की दुनिया के दुश्मन देशों को चेतावनी होती है. ये बड़े देश लगातार अपने हथियारों का जखीरा बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं.
अब अगर बात करें भारत और पाकिस्तान की तो, भले ही पाकिस्तान एक परमाणु संपन्न देश हो, लेकिन भारत की सैन्य ताकत के आगे वो कहीं भी नहीं टिकता है.