Alcohol Consumption: किस मुस्लिम देश में सबसे ज्यादा पी जाती है शराब, नाम जानकर नहीं होगा यकीन

Alcohol Consumption: इस्लाम धर्म में शराब को हराम माना गया है और इसके सेवन, उत्पादन या बिक्री की अनुमति नहीं दी गई है. कुरान में इसे स्पष्ट रूप से निषिद्ध बताया गया है, क्योंकि इसे शरीर और आत्मा दोनों के लिए नुकसानदायक माना गया है. इसी वजह से ज्यादातर इस्लामिक देशों में शराब पर सख्त प्रतिबंध है. लेकिन इन कानूनों और धार्मिक मान्यताओं के बावजूद हकीकत यह है कि कई मुस्लिम देशों में चोरी-छुपे शराब का सेवन और कारोबार लगातार बढ़ रहा है.
सऊदी अरब ने पहली बार सीमित स्तर पर शराब की बिक्री की अनुमति दी है. हालांकि यह छूट सिर्फ विदेशी डिप्लोमैट्स के लिए है, आम नागरिकों के लिए नहीं. यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि सऊदी अरब दुनिया का सबसे कट्टर इस्लामिक देश माना जाता है, जहां दशकों तक शराब पर पूरी तरह पाबंदी रही है.
रिपोर्ट की मानें तो यूएई, ट्यूनीशिया, सूडान और बहरीन जैसे कई मुस्लिम देशों में पिछले कुछ सालों में शराब की खपत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
रिपोर्ट बताती हैं कि इन देशों में शराब न सिर्फ विदेशियों द्वारा बल्कि स्थानीय लोगों के बीच भी गुप्त रूप से सेवन की जा रही है. जॉर्डन में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि विश्वविद्यालयों के करीब 3 प्रतिशत छात्र शराब पीते हैं.
भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान पर शराब पर पूरी तरह बैन लगाने वाले देशों में शामिल है. वहां अगर किसी को शराब पीते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 80 कोड़ों की सजा दी जा सकती है. इसके बावजूद वहां शराब की अवैध बिक्री और सेवन आम बात है.
कई रिपोर्टों में यह सामने आया है कि वहां स्थानीय स्तर पर लोग घरों में ही अवैध रूप से शराब तैयार करते हैं, जिससे अक्सर जहरीली शराब से मौतें भी हो जाती हैं.
कुछ मुस्लिम देशों में शराब का इस्तेमाल केवल दवाओं के रूप में करने की अनुमति दी गई है. जैसे बांग्लादेश में शराब पर प्रतिबंध है, लेकिन मेडिकल उपयोग के लिए कुछ शर्तों के तहत इसे मंजूरी दी जाती है.
वहीं सऊदी अरब में भी आम जनता के लिए शराब वर्जित है, लेकिन यहां 2019 में जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए थे.
रिपोर्ट की मानें तो दुनिया में सबसे ज्यादा शराब पीने वाला देश लातविया है, जहां प्रति व्यक्ति औसतन 13.19 लीटर शराब सालाना खपत होती है. इसके बाद मोल्दोवा (12.85 लीटर), जर्मनी, लिथुआनिया और आयरलैंड आते हैं. धर्म के आधार पर देखें तो भारत में सबसे ज्यादा शराब सेवन ईसाई समुदाय के लोग करते हैं, जबकि मुसलमानों में इसका प्रतिशत सबसे कम है.