Fuel Control Switch: प्लेन में कहां लगा होता है फ्यूल कंट्रोल स्विच, क्या इससे कोई भी कर सकता है छेड़छाड़?

Fuel Control Switch: आधुनिक विमानों से जुड़ी हाल की तकनीकी घटनाओं ने एक बार फिर से एवियशन सेफ्टी को सुर्खियों में ला दिया है. एयर इंडिया की बोइंग 787 ड्रीमलाइनर में फ्यूल कंट्रोल स्विच से जुड़ी एक समस्या सामने आने के बाद लोगों के बीच एक आम सवाल खड़ा हो गया है. आखिर यह स्विच कहां पर होता है और क्या कोई भी इसके साथ छेड़छाड़ कर सकता है. आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.
आधुनिक जेट लाइनर में फ्यूल कंट्रोल स्विच कॉकपिट के सेंटर कंसोल पर ट्रस्ट लीवर के ठीक नीचे होता है. यह जगह यह पक्का करती है कि सिर्फ पायलट जो इन कंट्रोल के ठीक सामने बैठते हैं, सामान्य या फिर इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान ही उन तक पहुंच सकें.
फ्यूल कंट्रोल स्विच हर इंजन में फ्यूल के फ्लो को कंट्रोल करता है. इसमें आमतौर पर दो पोजीशन होती हैं. रन और कट ऑफ. रन फ्यूल को फ्लो करने देती है और इंजन को चालू रखती है और कट ऑफ तुरंत फ्यूल की सप्लाई को रोक देती है और इंजन को बंद कर देती है. इस सीधे लिंक की वजह से स्विच को एक जरूरी सेफ्टी कंट्रोल माना जाता है.
विमान बनाने वाली कंपनी इन स्विच को पुल टू अनलॉक या गार्डेड मेकैनिज्म के साथ डिजाइन करती हैं. स्विच को लापरवाही से नहीं हिलाया जा सकता. पोजीशन बदलने से पहले इसे पहले उठाना या फिर अनलॉक करना पड़ता है. यह टर्बूलेंस, वाइब्रेशन या फिर गलती से छूने की वजह से होने वाली अचानक हलचल को रोकता है.
कॉकपिट विमान के सबसे सुरक्षित जगह में से एक है. केवल ट्रेंड पायलट और अधिकृत लोग ही अंदर जा सकते हैं. यात्रियों और केबिन क्रू की फ्यूल कंट्रोल स्विच तक कोई भी फिजिकल पहुंच नहीं होती.
यह स्विच पोजीशन में कोई भी बदलाव पर तुरंत कॉकपिट डिस्प्ले और इंजन मॉनिटरिंग सिस्टम पर अलर्ट ट्रिगर करता है. पायलटों को कुछ ही सेकंड में असामान्य संकेत को पहचानने के लिए ट्रेंड किया जाता है.
एविएशन रेगुलेटर और विमान बनाने वाली कंपनियों की हाल की जांच के पता चला है कि फ्यूल कंट्रोल स्विच के लॉकिंग और सेफ्टी सिस्टम मेकैनिकली ठीक हैं. जब घटनाएं होती है तो जांच आमतौर पर सेंसर के व्यवहार, इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेस या फिर दुर्लभ मैकेनिक खराबी की जांच करती है.