Abroad और Foreign में क्या है अंतर, मतलब एक लेकिन जान लें इस्तेमाल का तरीका

Abroad vs Foreign: अंग्रेजी भाषा सीखते समय अक्सर लोग कुछ ऐसे शब्दों में उलझ जाते हैं जिनका मतलब लगभग एक जैसा लगता है, लेकिन उनके व्याकरण के नियम बिल्कुल अलग होते हैं. ऐसा ही कन्फ्यूजन Abroad और Foreign शब्दों को लेकर देखने को मिलता है. दोनों का ही सीधा संबंध अपने देश से बाहर की दुनिया या दूसरे राष्ट्रों से होता है.
हालांकि, बातचीत करते समय या वाक्य बनाते समय इन्हें किस जगह और कैसे प्रयोग करना है, इसकी सही जानकारी होना बहुत जरूरी है ताकि व्याकरण से जुड़ी कोई गलती न हो.
Abroad शब्द का हिंदी में सीधा मतलब विदेश में या विदेश की ओर होता है. जब कोई व्यक्ति अपने गृह देश को छोड़कर किसी अन्य राष्ट्र में जाता है, वहां रहता है या काम करता है, तब इस शब्द का प्रयोग किया जाता है.
यह अंग्रेजी व्याकरण में मुख्य रूप से एक क्रिया-विशेषण यानी एडवर्ब की तरह काम करता है.
इस शब्द की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके साथ किसी भी प्रकार की संज्ञा का प्रयोग नहीं किया जाता है. इसके अलावा, इसके पहले to, in या at जैसे प्रीपोजिशन्स लगाने की गलती कभी नहीं करनी चाहिए.
इसे हमेशा go abroad, live abroad या study abroad जैसी क्रियाओं के ठीक बाद बिना किसी अतिरिक्त शब्द के जोड़ा जाता है.
दूसरी ओर, Foreign शब्द एक विशेषण के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. इसका हिंदी अर्थ विदेशी होता है. यह शब्द किसी ऐसी चीज, व्यक्ति, भाषा या नीति को दर्शाता है जो हमारे अपने देश की न होकर किसी दूसरे देश से ताल्लुक रखती है.
Abroad के उलट Foreign शब्द का प्रयोग हमेशा किसी संज्ञा के ठीक पहले किया जाता है ताकि उस वस्तु या स्थान की विशेषता बताई जा सके.
इसके साथ प्रीपोजिशन का इस्तेमाल हो सकता है और इसके बाद हमेशा country, language या currency जैसे शब्द आते हैं, जैसे कि foreign currency या foreign language.