2000 Rupee Note: भारत से पहले ये देश भी कर चुके हैं नोटबंदी, लिस्ट में ऐसे-ऐसे नाम हैं कि आप भी सोच में पड़ जाएंगे
नाइजीरिया: 1984 में मुहम्मदु बुहारी की सरकार के दौरान नाइजीरिया ने नई मुद्रा की शुरुआत की और पुराने नोटों पर प्रतिबंध लगा दिया. हालांकि, कर्ज में डूबे और महंगाई से प्रभावित होने के कारण देश की अर्थव्यवस्था डोल गई थी.
घाना: 1982 में घाना ने टैक्स चोरी और अन्य चुनौतियों से निपटने के लिए अपने 50 सेडिस नोट को बंद कर दिया था. हालांकि, लोगों के विरोध के कारण देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई थी.
पाकिस्तान: दिसंबर 2016 में पाकिस्तान से भी पुराने नोटों को बंद कर नए डिजाइन के नोट लाने का ऐलान किया गया था. पाकिस्तान ने कानूनी रूप से डेढ़ साल पहले टेंडर जारी किया था. इसलिए नागरिकों के पास पुराने नोटों को बदलने और नए डिजाइन के नोट प्राप्त करने का समय था.
जिम्बाब्वे: जिम्बाब्वे में 100,000,000,000,000 डॉलर के नोट हुआ करते थे. जी हां, लेकिन जिम्बाब्वे की अर्थव्यवस्था उस समय लड़खड़ा गई, जब राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने मुद्रास्फीति पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए.
उत्तर कोरिया में 2010 में हुई नोटबंदी के कारण लोगों को खाने के लाले पड़ गए थे. किम-जोंग II ने एक सुधार पेश किया, जिसने काला बाजार को खत्म करने के लिए पुरानी मुद्रा में कुछ बदलाव किया गया था.
सोवियत संघ: मिखाइल गोर्बाचेव ने काले बाजार पर कब्जा करने के लिए बड़े-रूबल के नोटों का सर्कुलेशन वापस लेने का आदेश दिया था. हालांकि, इसका असर नागरिकों पर अच्छा नहीं रहा, जिसके परिणामस्वरूप तख्तापलट की कोशिश हुई.
ऑस्ट्रेलिया: जालसाजी को रोकने के लिए ऑस्ट्रेलिया पॉलिमर (प्लास्टिक) नोट जारी करने वाला पहला देश था. हालांकि, यहां सिर्फ कागज को प्लास्टिक से बदला गया, यानी सिर्फ सामग्री बदली गई थी, इसलिए इसका अर्थव्यवस्था पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ा.
म्यांमार: 1987 में म्यांमार की सेना ने काला बाजारी पर लगाम लगाने के लिए लगभग 80% मूल्य के धन को बंद कर दिया. इस फैसले से आर्थिक व्यवधान पैदा हुआ जिसके कारण बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए जिसमें कई लोग मारे गए.