क्या आपको भी होती है गेम खेलने की क्रेविंग, तो ये खबर आपके लिए है
इतना ही नहीं, स्क्रीन पर अत्यधिक समय बिताने से हार्मफुल रेडिएशन सेहत के लिए हानिकारक हैं. जानकारी के अभाव में परिवार के बड़े इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पा रहे.फोटोः गूगल फ्री इमेज
क्या आप भी उन लोगों में ये हैं जो हरदम गेम खेलते रहते हैं या फिर मौका मिलते ही गेम खेलने लगते हैं? अगर हां, तो आपको थोड़ा संभलने की जरूरत हैं. फोटोः गूगल फ्री इमेज
डिजीटल और वीडियो गेम्स के आजकल दीवानों की कमी नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं गेम्स की दीवानगी कोई सामान्य बात नहीं है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, ये एक गंभीर बीमारी है.फोटोः गूगल फ्री इमेज
मैक्स हेल्थकेयर के मेंटल हेल्थ और बिहेवियरल साइंस के डॉक्टर समीर मल्होत्रा का कहना है कि अधिक से अधिक समय स्क्रीन पर बिताने से ह्यूमन इंटरैक्शन कम हो जाता है. व्यक्ति का इमोशनल कनेक्शन कम हो जाता है. इसी वजह से बच्चे और एडल्ट दोनों ही वचुर्अल वर्ल्ड में जी रहे हैं.फोटोः गूगल फ्री इमेज
ये हम नहीं कह रहे बल्कि इस बारे में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने चेताया है, जिसके मुताबिक, गेम खेलने की लत दिमागी बीमारी हो सकती है. जानिए और क्या कहना है डब्ल्यूएचओ का. फोटोः गूगल फ्री इमेज
इस बीमारी को एक्सपर्ट गेमिंग डिस्ऑर्डर का नाम दे रहे हैं. इस बीमारी के तहत मरीज को गेम के अलावा किसी और एक्टिविटी में काम करने का मन नहीं करता. ये डिस्ऑर्डर बढ़ने पर निजी जिंदगी और फैमिली दोनों प्रभावित होते हैं.फोटोः गूगल फ्री इमेज
रिपोर्ट में ये भी कहा गया कि सिर्फ गेमिंग ही नहीं बल्कि फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसी सोशल साइट्स पर अत्यधिक समय बिताना भी मेंटल डिस्ऑर्डर में आता है.फोटोः गूगल फ्री इमेज
ये रिसर्च के दावे पर हैं. ABP न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता. आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें.