नहीं रहे क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट क्रांति के नेता फिदेल कास्त्रो

कम्युनिस्ट क्रांति के नेता फिदेल कास्त्रो के चाहने वाले राजनीतिक जीवन के उनके योगदान की वजह से हमेशा याद रहेंगे.
कास्त्रो मोंकाडा बैरकों पर 1953 में असफल हमले का नेतृत्व किया, जिसके बाद वे गिरफ्तार हो गए, उन पर मुकदमा चला, वे जेल में रहे और बाद में रिहा कर दिए गए.
इसके बाद बतिस्ता के क्यूबा पर हमले के लिए लोगों को संगठित और प्रशिक्षित करने के लिए वे मैक्सिको के लिए रवाना हुए.
क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति और कम्युनिस्ट क्रांति के नेता फिदेल कास्त्रो का 90 साल की उम्र में निधन हो गया है.
वे और उनके क्रांतिकारी साथियों ने दिसम्बर 1956 में मेक्सिको छोड़ दिया और पूर्वी क्यूबा के लिए चल पड़े.
हवाना विश्वविद्यालय में अध्ययन करते हुए उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत की और क्यूबा की राजनीति में एक मान्यता प्राप्त व्यक्ति बन गए.
फिदेल कास्त्रो एक अमीर परिवार में पैदा हुए और उन्होंने कानून की डिग्री हासिल की.
उन्होंने फरवरी 2008 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
कास्त्रो 1959 से 1976 के बीच क्यूबा के प्रधानमंत्री रहे. उसके बाद 1976 से 2008 यानी 32 साल तक क्यूबा के राष्ट्रपति के पद पर रहे.
साल 2008 में अपने भाई राउल को सत्ता सौंपने से पहले लगभग आधी सदी फिदेल कास्त्रो ने क्यूबा के अंदर एक पार्टी के रूप में राज किया.
फिदेल कास्त्रो का जन्म 13 अगस्त 1926 में हुआ था. वह एक राजनीतिज्ञ और क्यूबा की क्रांति के प्राथमिक नेताओं में से एक थे.