Birthday Special: जब फैन की डांट सुनकर 'राम' ने छोड़ दी थी सिगरेट, क्या आपने कभी सुना अरुण गोविल का यह किस्सा?
अरुण गोविल का जन्म 12 जनवरी 1952 के दिन उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में हुआ था. उनकी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई यूपी में हुई.
अरुण के पिता चाहते थे कि वह सरकारी नौकरी करें. हालांकि, अरुण की चाहत इसके उलट थी. वह कुछ ऐसा करना चाहते थे, जो यादगार हो गए. ऐसे में वह मुंबई चले गए. उस वक्त उनकी उम्र महज 17 साल थी.
क्या आप जानते हैं कि अरुण गोविल जब रामायण के लिए ऑडिशन देने गए, तब रामानंद सागर को वह पसंद नहीं आए थे. हालांकि, बाद में राम के किरदार के लिए उन्हें ही चुना गया.
अब हम आपको अरुण गोविल से जुड़े ऐसे किस्से के बारे में बताते हैं, जिसके बाद उन्होंने सिगरेट पीनी ही छोड़ दी.
अरुण गोविल ने द कपिल शर्मा शो में इस किस्से के बारे में जानकरी दी थी. अभिनेता ने बताया था कि वह किसी तमिल बाइलिंगुअल फिल्म की शूटिंग कर रहे थे. उस दौरान उनके साथ एक अजीब घटना हुई.
अरुण उस फिल्म में तिरुपति बालाजी के किरदार में थे. वहीं, भानुमती लक्ष्मी का किरदार निभा रही थीं. उस वक्त अरुण गोविल सिगरेट पीने के आदी थे.
अरुण गोविल बताते हैं कि जब भी मुझे मौका मिलता, मैं सेट पर ही पर्दे के पीछे छिपकर सिगरेट पी लेता था. एक बार लंच के बाद मैं सिगरेट पी रहा था, तब एक शख्स मुझसे अपनी भाषा में उल्टा-सीधा कहने लगा, जो मुझे समझ नहीं आया.
अरुण ने पास खड़े एक शख्स से पूरा मामला जाना तो पता लगा कि वह व्यक्ति सिगरेट पीने की वजह से नाराज था. उसने कहा था, 'हम तो तुम्हें भगवान समझते हैं और तुम यहां बैठकर सिगरेट पी रहे हो?'
इस बात से अरुण गोविल को तगड़ा झटका लगा और उस दिन के बाद उन्होंने दोबारा कभी सिगरेट को हाथ नहीं लगाया.