इस खूबसूरत एक्ट्रेस के रहे 6 अफेयर, सालों तक पति करता था मारपीट, बेटी ने भी दुत्कारा

स्वास्तिका मुखर्जी बंगाली फिल्म 'शाहजहां रीजन्ट', 'तकदुम', 'दिल बेचारा', 'मोह माया' जैसी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं. फिल्मों के साथ ही वह ओटीटी दुनिया में काफी फेमस हैं. 'पाताल लोक','ब्लैक विडोज' और 'काला' जैसी वेब सीरीज में उनकी एक्टिंग को हर किसी ने पसंद किया. हालांकि उनकी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा उनकी निजी जिंदगी और उससे जुड़े विवादों ने अक्सर ध्यान खींचते हैं.
आपको बता दें कि स्वास्तिका मुखर्जी के करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं और विवाद भी रहे हैं, जो मीडिया में खूब चर्चा में रहे. स्वास्तिका ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसने समाज और मीडिया दोनों में हलचल मचा दी थी. उनका व्यक्तित्व और बेबाक अंदाज फैंस के बीच उन्हें खास बनाता है.
जितेश पिल्लई के साथ बातचीत में स्वास्तिका ने खुलासा किया था कि उनकी शादीशुदा जिंदगी दर्द का एक लंबा अध्याय थी. उन्होंने बताया कि उनके पति ने उनका शोषण और मानसिक प्रताड़ना की. इसका असर उनकी ज़िंदगी और करियर पर गहरा पड़ा.
सबसे बड़ा दर्द यह था कि उनकी बेटी ने भी उनसे नफरत करना शुरू कर दिया. मां बेटी का यह रिश्ता सालों तक तनावपूर्ण रहा. स्वास्तिका ने बताया कि जैसे-तैसे उन्होंने खुद को संभाला और अपनी बच्ची के लिए लड़ती रहीं.
बातचीत में उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जीवन में 6 बार सीरियस रिलेशनशिप किए लेकिन हर बार उनका प्यार टूट कर खत्म हो गया. रिश्तों में बार-बार दिल टूटने के बाद भी स्वास्तिका आज भी खुलकर बोलती हैं और अपने घाव छुपाने की बजाय अपनी कहानी दुनिया से साझा करती हैं.
बातचीत में उन्होंने कहा था, 'मेरी जिंदगी में 6 सीरियस रिश्ते रहे हैं लेकिन मीडिया ऐसा दिखाता है जैसे मेरे 600 रिलेशनशिप रहे हों. जिन भी लोगों के साथ मैंने कॉफी पी, उन सभी के साथ अफेयर की खबरें बनने लगती हैं'.
इंटरव्यू के दौरान जितेश पिल्लई ने मजाक में 6 रिलेशनशिप को बहुत कम बताया था. जिस पर स्वास्तिका ने हंसते हुए कहा था. 'मैं जानती हूं ये बहुत कम है… इसलिए 50 की होने से पहले शायद मुझे और रिलेशनशिप कर लेने चाहिए.'
उनका कहना है कि उन्होंने कभी छल या धोखा नहीं किया, लेकिन अफवाहें और मीडिया के अनुमान अक्सर उनकी असलियत को गलत तरीके से पेश कर देते हैं. यही वजह है कि उन्होंने अपनी कहानी खुद बताने का फैसला किया, ताकि लोग सच जान सकें, न कि सिर्फ सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करें.