इस वीकेंड जरूर देखें ये 7 अंडररेटेड साई-फाई फिल्में, सभी प्राइम वीडियो पर हैं अवेलेबल
इस लिस्ट के सबसे पहले नंबर पर 2019 में रिलीज हुई फिल्म ऐशफॉल का नाम शामिल है. फिल्म में हा जंग वू ने साउथ कोरियन बॉम्ब डिस्पोजल एक्सपर्ट और ली ब्यूंग-हुन ने नॉर्थ कोरिया ऑफिसर की भूमिका निभाई है. दोनों को एक इंपॉर्टेंट मिशन पर भेजा जाता है जिसके जरिए वो दोनों अपने देश को बचा सकें. इस फिल्म में आपको युद्ध के इतने भयावह सींस देखने को मिलेंगे जिससे आप खुद को फिल्ममेकर की तारीफ करने से नहीं रोक पाएंगे. इस मूवी में ब्रूटल एक्शन सीन्स के साथ ह्यूमर का टच भी आपको काफी इंप्रेस करने वाला है.
'आई थिंक वी आर अलोन नाऊ' भी प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम कर रही अंडररेटेड साई फाई फिल्म है. ये फिल्म 2018 में रिलीज हुई थी. इसकी कहानी ऐसे दो लोगों की है जो एक वैश्विक महामारी के बाद जिंदा बच जाते हैं. भले दोनों की दुनिया अलग होती है लेकिन इस महामारी के बाद दोनों की बीच दोस्ती पनपने लगती है. कहानी जैसे–जैसे आगे बढ़ती है वैसे आपको फिल्म के दोनों कैरेक्टर्स के साइकोलॉजी के बारे में समझ आएगा.
'सिंक्रोनिक' का नाम भी अंडररेटेड साई फिल्मों की लिस्ट में शुमार है. इस फिल्म की कहानी दो पैरामेडिक्स के इर्द–गिर्द घूमती है. इस मूवी में आपको टाइम ट्रैवल का कॉन्सेप्ट देखने को मिलेगा जो वाकई काफी इमोशनल होने वाला है. बीते कई दशकों में अक्सर इस फिल्मों को इग्नोर किया गया है लेकिन इसकी कहानी ऐसी है जिसे आपको एक बार तो जरूर देखना चाहिए.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की कहानी बयां करती 'डोंट लुक डीपर' 2020 में रिलीज हुई थी. फिल्म में आयशा नाम की टीनऐज लड़की की कहानी दिखाई गई है. लेकिन अचानक उसे ऐसा आभास होता है कि वो साधारण इंसानों की तरह नहीं है और तभी से कहानी में भी आपको ट्विस्ट देखने को मिलेगा.
लिस्ट के अगले नंबर पर फिल्म 'हाइ लाइफ' का नाम शामिल है. फिल्म में दिखाया गया है कि क्रिमिनल्स के एक ग्रुप को ब्लैक होल में एस्पिरमेंट के लिए भेजा गया है. इस फिल्म में स्पेस को ह्यूमन कनेक्शन और अकेलेपन के रूप में इस्तेमाल किया गया है. इसकी सिनेमेटोग्राफी आपको अलग लेवल का एक्सपीरियंस देने वाली है.
'फास्ट कलर' की कहानी काफी दिलचस्प है. इसमें रूथ नाम की महिला के बारे में दिखाया गया है जिसके पास एक अजीब सी ताकत है. जब भी उसे गुस्सा आता है तब दुनिया में कही भी भूकंप आ सकता है. इस अजीब सी शक्ति के कारण गवर्नमेंट भी उसके पीछे पड़ जाती है जिससे बचने के लिए वो अपनी मां और बेटी के पास लौटती है.
'द वास्ट ऑफ नाइट' की कहानी 1950 के दशक में सेट की गई है. इस फिल्म की सबसे खास बात ये है कि मेकर्स ने विजुअल इफेक्ट्स से ज्यादा फिल्म के डायलॉग पर ज्यादा फोकस किया है. इस फिल्म के जरिए ये तो साबित हो गया है कि सायं फाई फिल्मों में जबरदस्त मिस्ट्री और तगड़ी स्टोरीटेलिंग का भी अहम रोल होता है.