कभी अपने शरीर से नफरत करती थीं विद्या बालन, फिर एक मौके ने बदली पूरी जिंदगी, लगाई हिट फिल्मों की झड़ी

विद्या बालन का बॉलीवुड सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं. एक समय था जब वह अपनी बॉडी को लेकर बॉडी शेमिंग का शिकार थीं और खुद से नफरत करती थीं. पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ से जुड़े कुछ बेमानी तानों ने उनकी आत्मविश्वास को चोट पहुंचाई लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी.
विद्या बालन एक ऐसी अभिनेत्री हैं जिनकी फिल्मों ने बॉलीवुड में एक नया रंग जोड़ा. उनका करियर बहुत ही प्रेरणादायक है.उन्होंने खुद को साबित किया कि एक अभिनेत्री को सिर्फ सुंदर दिखने की बजाय एक्टिंग में भी दम होना चाहिए.
विद्या बालन करीब 20 साल से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रही हैं. इन 20 सालों में उन्होंने करीब 30 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. वो एक बेहतरीन कलाकार के तौर पर पहचानी जाती हैं. उन्होंने हमेशा अपनी फिल्में और किरदार खुद चुने हैं ना कि किसी ट्रेंड या शॉर्टकट को अपनाया.
विद्या बालन के करियर की सबसे खास बात ये है कि उन्होंने हमेशा अपने दिल की सुनी और हर बार कुछ नया करने की कोशिश की. उनकी पहली फिल्म 'पारिनिता' थी. इस फिल्म ने उन्हें पहचान दिलाई और वो रातों-रात इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेसेस में शामिल हो गईं. इसके बाद 'लागा चुनरी में दाग' जैसी फिल्में आईं.
विद्या बालन को असली सफलता 'हिंदी मीडियम' और 'तुम्हारी सुलु' से मिली. इन फिल्मों ने साबित किया कि विद्या सिर्फ रोमांटिक या ड्रामा फिल्मों तक सीमित नहीं हैं बल्कि वो हर तरह के किरदार को अपने अंदाज में निभा सकती हैं.
विद्या बालन की कुछ हिट फिल्में जिनमें उन्होंने शानदार परफॉर्मेंस देकर दर्शकों का अपना दीवाना बना दिया था. इस लिस्ट में कहानी,भूल भुलैया, लगे रहो मुन्ना भाई, डर्टी पिक्चर, शकुन्तला देवी जैसी फिल्में शामिल हैं. इन फिल्मों में उनके किरदार अलग-अलग थे और उन्होंने हर बार दर्शकों को अपनी एक्टिंग से चौंकाया.
बॉलीवुड को कई सारी हिट फिल्में देने वाली विद्या बालन के बारे में जानकर हैरानी होगी की करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें बॉडी शेमिंग से गुजरना पड़ा था. कॉलेज के वक्त पर लोग उन्हें मोटी कह कर बुलाते थे. वहीं उनके कलर कॉम्प्लेक्शन को देख उनका मजाक बनाते थे. इन सभी बातों से वह मानसिक दबाव महसूस करती थीं.इसलिए उन्हें अपने शरीर से काफी नफरत हो गई थी.
इसके अलावा एक बार विद्या बालन ने ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के इंटरव्यू में कास्टिंग काउच पर बात करते हुए कहा था कि एक बार चेन्नई में एक विज्ञापन की शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने उनसे कमरे में आकर बात करने को कहा. चूंकि वह अकेली थीं, उन्होंने समझदारी से काम लिया और कमरे में जाते वक्त दरवाजा खुला रखा. बाद में, उन्होंने शूटिंग कैंसिल कर दी, क्योंकि उन्हें समझ आ गया कि क्या सही है.