'गोरे रंग की वजह से कुछ काम नहीं मिला', जब Neil Nitin Mukesh का छलका दर्द
नील नितिन मुकेश ने हिंदी रश से बातचीत में बताया था कि स्किन कलर की वजह से उन्हें रिजेक्शन झेलने पड़े थे. नील ने कहा, '140 करोड़ पॉपुलेशन वाले देश में मैं ये मानता हूं कि मैं यूनिक हूं. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि मैं कॉमन मैन के पर्सपेक्टिव में फिट नहीं बैठता हूं.'
नील ने आगे कहा, 'ये परेशानी नहीं है कि मैं कोशिश नहीं कर रहा...आज हम व्हाइट स्किन को डार्क कर सकते हैं? टेक्नोलॉजी और मेकअप बहुत एडवांस हो गए हैं. हम एक्टर्स के फेस को ट्रांसफॉर्म कर सकते हैं. तो आप एक्टिंग पर फोकस कीजिए.'
इसके अलावा नील ने कहा, 'अगर आपको लगता है कि मैं एक्टिंग कर सकता हूं तो मुझे मौका दीजिए. रोल चाहे गैंगस्टर का हो या किसी और का हो क्या मैं उसमें फिट नहीं बैठता?'
नील ने कहा, 'सैफ अली खान साहब लंगड़ा त्यागी का रोल कर सकते हैं ओमकारा में? ऋतिक रोशन साहब ग्रीक गॉड की इमेज तोड़कर सुपर 30 कर सकते हैं, सही? उन्हें इस तरह के मौके मिल सकते हैं, तो मुझे भी कोशिश करते रहना चाहिए.'
बता दें कि नील नितिन मुकेश ने चाइल्ड एक्टर के तौर पर काम शुरू किया था. इसके बाद उन्होंने 2007 में लीड हीरो के तौर पर डेब्यू किया.
नील नितिन मुकेश ने जॉनी गद्दार से डेब्यू किया था. उन्होंने न्यू यॉर्क, प्रेम रत्न धन पायो और गोलमाल अगेन जैसी फिल्मों में काम किया.
नील नितिन मुकेश को आखिरी बार फिल्म हिसाब बराबर में देखा गया. इस फिल्म में आर माधवन और कीर्ति कुल्हारी जैसे स्टार्स नजर आए.