तलाक के बाद कैंसर ने घेरा, दोस्तों ने भी छोड़ा साथ, सालों बाद कमबैक कर दिया सबको मुंह तोड़ जवाब
मनीषा कोइराला ने हिंदी सिनेमा में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट ही काम करना शुरू कर दिया था. इसके बाद 1989 में उन्हें नेपाली फिल्म 'फेरी भेटौला' में देखा गया. लेकिन बतौर लीड एक्ट्रेस बॉलीवुड में उन्होंने 1991 में 'सौदागर' से डेब्यू किया.
90 के दशक में उनका नाम सबसे सफल और खूबसूरत एक्ट्रेसेस के लिस्ट में शुमार था. उन्होंने अपने फिल्मी करियर में कई हिट फिल्मों में काम किया. लेकिन शादी के बाद हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बना ली.
एक इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस ने अपनी जर्नी की बात की और बताया कि कैंसर से जूझते हुए उन्हें रिश्तों के असली मायने के बारे में पता चला. इसके साथ ही बिजनेसमैन सम्राट दहल से शादी को लेकर भी उन्होंने खुलकर बात की.
मनीषा कोइराला ने 2010 में पारंपरिक नेपाली रीति–रिवाज से बिजनेसमैन से शादी की लेकिन दो साल बाद ही ये कपल अलग हो गया. उसी साल अदाकारा को कैंसर ने भी घेर लिया.
अपने इलाज के लिए वो न्यू यॉर्क चली गईं. इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उस दौर में उनके कई दोस्तों ने साथ छोड़ दिया. केवल करीबी परिवार वालों ने ही साथ दिया. हालांकि आर्थिक रूप से मजबूत होने के बाद भी परिवार के लोग बीमारी के वक्त उनसे मिलने नहीं आए.
इस अनुभव ने उन्हें थेरेपी लेने के लिए प्रोत्साहित किया और ये थेरपी मददगार भी साबित हुई. एक्ट्रेस ने सोचा था कि वो जिनके साथ पार्टीज करती हैं, ट्रिप पर जाती हैं वो इस मुश्किल दौर में उनके साथ रहेंगे. जब उन्हें खुद को अकेला पाया तो सिर्फ क्लॉज फैमिली के अलावा उनका साथ किसी ने नहीं दिया.
मनीषा ने बताया कि आर्थिक रूप से सभी सक्षम थे सभी उनसे मिलने आना अफोर्ड कर सकते थे. लेकिन पेरेंट्स और भाई–भाभी के अलावा उनका साथ किसी ने नहीं दिया. एक्ट्रेस का कहना है कि कैंसर ने उन्हें बहुत बड़ी सीख दे दी है.
इन सभी संघर्षों का डटकर सामना करने के बाद अदाकारा ने बीते साल हीरामंडी के जरिए अपना जबरदस्त कमबैक किया और ओटीटी पर छा गईं. आज भी मनीषा कोइराला का उतना ही क्रेज है जितना पहले था.