बिना पैसों के राशन खरीदने के लिए घंटों लाइन खड़े रहते थे गोविंदा, बी-ग्रेड फिल्में की साइन, आज ऐसे हैं 150 करोड़ के मालिक!

एक्टर गोविंदा को बॉलीवुड के बड़े स्टार्स की लिस्ट में शामिल किया जाता है. उन्होंने 90s में कई हिट फिल्में अपने नाम की. अपनी कमाल एक्टिंग और कॉमिक टाइमिंग से वो 'हीरो नंबर 1' बने. हालांकि, उन्होंने अपनी जिंदगी में काफी स्ट्रगल किया है.
News18 के मुताबिक, एक पुराने इंटरव्यू में गोविंदा ने बताया था कि बचपन में उन्होंने आर्थिक तंगी देखी. एक समय ऐसा भी था जब उनकी फैमिली राशन भी खरीद नहीं सकती थी.
गोविंदा की फैमिली उधार राशन लेकर घर चालती थी और अपना पेट भरते थे. गोविंदा ने ये भी बताया कि क्योंकि वो लोग राशन के पैसे नहीं दे पाते थे तो दुकानदार उन्हें घंटों तक लाइन में खड़ा रखता था.
इसके बाद फाइनेंशियल सिचुएशन को हैंडल करने के लिए गोविंदा ने नौकरी करने का प्लान किया. गोविंदा ने कई नौकरियां ढूंढ़ी, लेकिन उन्हें इंग्लिश नहीं आती थी तो नौकरी नहीं मिली. जब गोविंदा को कोई प्रॉपर नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने फिल्मों में किस्मत आजमाने का सोचा.
बता दें कि गोविंदा ने बॉलीवुड में लीडिंग हीरो के तौर पर 1986 में फिल्म तन-बदन से शुरुआत की थी. इसके बाद गोविंदा ने हीरो नंबर 1, कुली नंबर 1, राजा बाबू, साजन चले ससुराल, अनाड़ी नंबर 1, हसीना मान जाएगी जैसी तमाम फिल्में कीं और नेम और फेम दोनों कमाया.
2000 में गोविंदा ने भागम भाग, पार्टनर, हॉलीडे जैसी सक्सेसफुल फिल्में देने के बाद गोविंदा के करियर में डाउनफॉल होने लगा.
हाल ही में प्रोड्यूसर पहलाज निहलानी ने बताया कि गोविंदा अंधविश्वास में मानने लगे थे. वो बिना सोचे समझे दर्जनों बी-ग्रेड, सी ग्रेड फिल्में साइन कर लेते थे. एक बार में 5-6 फिल्में करते थे. गोविंदा बोलते थे कि ऐसे वो पैसों के लिए कर रहे हैं.
अब गोविंदा फिल्मों से दूर हैं. लेकिन गोविंदा फिर भी अच्छी कमाई करते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोविंदा की 150 करोड़ नेट वर्थ है. गोविंदा ब्रांड एंडोर्समेंट, रियल स्टेट के जरिए कमाई करते हैं.