Bappi Lahiri Death Anniversary: सोने के दीवाने थे बप्पी लहरी, 'सोने' की आदत ही बन गई थी 'डिस्को' किंग की मौत की वजह
बप्पी लहरी म्यूजिक इंडस्ट्री का बहुत बड़ा नाम थे. उन्होंने ही डिस्को म्यूजिक का बीलवुड में आगाज किया था. लेकिन सबसे प्यारे बप्पी दा ने 15 फरवरी 2022 को हमेशा-हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह दिया था.
बप्पी लहरी का जन्म पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में 27 नवंबर 1952 को हुआ था. 80-90 के दशक में बप्पी लहरी का बॉलीवुड में खूब डंका बजता था. वे ऐसे कंपोजर के तौर पर फेमस हो गए थे जिनकी धुनों का हर कोई दीवाना हो गया था और उनके गानों पर हर उम्र को लोग खूब थिरकते थे.
बप्पी लहरी जितना अपने गानों के लिए फेमस थे उतना ही वे सोने यानी गोल्ड के दीवाने थे.
बप्पी लहरी हमेशा सोने से लदे रहते थे. उनके गले में मोटी-मोटी सोने की चेन, हाथों में भारी गोल्ड रिंग्स और गोल्ड की घड़ियां देखकर हर कोई हैरान रह जाता था.
वैसे उन्हें अमेरिकी पॉपस्टार एलविस प्रेसले को देखकर गोल्ड पहनने का चस्का चढ़ा था और फिर सोने के लिए उनकी दीवानगी बढ़ती चली गई.
एक इंटरव्यू के दौरान बप्पी ने खुलासा किया था कि उनकी मां ने जब उन्हे एक सोने की चेन पहनाई थी तभी उनकी किस्मत खुल गई थी और उन्हें जख्मी फिल्म का ऑफर मिल गया था. इसके बाद गोल्ड को वे अपने लिए लकी मानने लगे थे.
हालांकि सोना यानी गोल्ड के शोकिन बप्पी लहरी की जान भी सोने की आदत यानी नींद की वजह से गई थी. दरअसल बप्पी लहरी को ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की बीमारी थी.
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया की वजह से मरीज को नींद में सांस लेने की समस्या होती है. बप्पी लहरी की मौत की वजह यही सोने यानी नींद की बीमारी बनी थी.