In Pics: जब ए.आर रहमान के जेहन में आते थे खुदकुशी के ख्याल...जानिए किस वजह से हिंदू से बन गए थे मुसलमान?
ए.आर रहमान संगीत की दुनिया के सबसे मशहूर और उम्दा फनकारों में से एक हैं. उनके संगीत की दीवानगी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में देखी जाती है. लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि ए.आर रहमान क्यों बने हिंदू से मुस्लिम.
संगीत के बादशाह कहे जाने वाले ए.आर रहमान अभी तक 2 बार ऑस्कर अवार्ड, ग्रैमी अवॉर्ड, 6 बार नेशनल फिल्म अवार्ड जीत चुके हैं. इसके अलावा वो 1 गोल्डन ग्लोब अवार्ड, 1 बाफ्टा अवार्ड, 15 फिल्म फेयर अवार्ड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री से अभी तक 17 अवार्ड हासिल कर चुके हैं.
दरअसल ए.आर रहमान का पहला नाम दिलीप कुमार था. एक बार उनकी बहन की तबीयत कुछ इस कदर खराब हो गई कि डॉक्टर्स ने भी उसके बचने की उम्मीद से इनकार कर दिया था. इस बीच किसी की सलाह पर रहमान ने कई मस्जिदों में जाकर दुआ मांगी और चमत्कार कहिए या कुछ और उनकी बहन पूरी तरह से ठीक हो गईं.
इस घटना के बाद उन्होंने अपना धर्म बदलकर इस्लाम अपनाने का फैसला किया और फिर उनका नया नाम बन गया अल्लाह रक्खा खान यानि कि ए.आर रहमान.
पहली बार ए.आर रहमान ने 1992 में रिलीज हुई मणि रत्नम की फिल्म ‘रोजा’ में म्यूजिक दिया. इसे इतना पसंद किया गया कि उन्हे पहली ही फिल्म के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड हासिल हुआ और वो इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गए.
रहमान सफलता के शिखर पर हैं लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब वो खुद को नाकाम मानते थे और इसके लिए खुद के फैसलों को ही जिम्मेदार ठहराते थे. इस दौरान उनके मन में कई बार खुदकुशी के भी ख्याल आए.