एडल्ट इंडस्ट्री छोड़ रमजान में रोजे रख रही हैं अनम खान, बोलीं- 'अब इबादत ही मेरी प्राथमिकता'
अनम खान ने एबीपी लाइव को दिए गए टेलीफोनिक इंटरव्यू में खुलासा किया कि वो अब इस इंडस्ट्री से बाहर आना चाहती हैं और कोई सम्मानजनक काम करना चाहती हैं. उन्होंने कहा, 'मैंने इस इंडस्ट्री में मजबूरी में कदम रखा था, लेकिन अब मैं इससे बाहर निकलना चाहती हूं. रमजान का पवित्र महीना मुझे आत्मचिंतन का अवसर दे रहा है और मैं इसे पूरी तरह से अल्लाह की इबादत में बिताना चाहती हूं.'
अनम ने बताया कि उन्होंने फिलहाल किसी भी वेब सीरीज या फिल्म के लिए हां नहीं कहा है और सभी प्रोजेक्ट्स से दूरी बना ली है. उनका कहना है कि ये 30 दिन उनके लिए बेहद खास हैं और वह इन्हें सिर्फ इबादत में लगाना चाहती हैं.
अनम खान उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता ट्रांसपोर्ट का बिजनेस करते थे, लेकिन उन्होंने अनम की मां को उस वक्त छोड़ दिया जब वो गर्भवती थीं. अनम तब महज कुछ साल की थीं. इस कठिन परिस्थिति में उनकी मां ने उन्हें और उनके छोटे भाई को अकेले पालने की जिम्मेदारी उठाई.
अनम का बचपन संघर्षों से भरा रहा. उनके पिता ने उन्हें कभी स्वीकार नहीं किया, और जब उनकी मां उन्हें लेकर अपनी बहन के घर गईं, तो वहां भी अनम को बहुत प्रताड़ना झेलनी पड़ी. उन्होंने अपने इंटरव्यू में खुलासा किया कि उनके मौसेरे भाई ने उनका शोषण किया, लेकिन जब उन्होंने अपनी मौसी से इस बारे में बताया, तो उल्टा उन्हें ही दोषी ठहराया गया और घर से निकाल दिया गया.
अनम की मां उन्हें लेकर दिल्ली आ गईं और छोटी-मोटी नौकरियां कर बच्चों का पालन-पोषण किया. अनम पढ़ाई में अच्छी थीं और उन्होंने अरबी भाषा में मौलिम (इस्लामी अध्ययन) की पढ़ाई शुरू की. वह अरबी और उर्दू की बेहतरीन जानकार हैं और भविष्य में अरबी भाषा में पीएचडी करना चाहती थीं. हालांकि, आर्थिक हालात इतने खराब थे कि उन्होंने मजबूरी में एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा. अनम ने बताया, अगर मेरे पिता ने मेरा साथ दिया होता, तो मैं आज किसी और मुकाम पर होती. लेकिन मुझे अपनी मां और छोटे भाई का पेट पालना था. हालात ने मुझे इस रास्ते पर धकेल दिया, लेकिन अब मैं इससे बाहर आना चाहती हूं.
अनम खान अब अपने करियर को एक नई दिशा देना चाहती हैं. उन्होंने बताया कि वह एडल्ट इंडस्ट्री छोड़कर बॉलीवुड में काम करने की कोशिश कर रही हैं. हालांकि, उनका पुराना अतीत उनका पीछा नहीं छोड़ रहा है. कई प्रोडक्शन हाउस उनके अतीत की वजह से उन्हें कास्ट करने से हिचकिचा रहे हैं. फिर भी, अनम को उम्मीद है कि उन्हें कोई सम्मानजनक काम मिलेगा. उन्होंने कहा, मैंने जो भी किया, वह मेरे हालात की वजह से किया. लेकिन अब मैं अपनी जिंदगी बदलना चाहती हूं.
फिलहाल अनम खान का पूरा ध्यान रमजान और इबादत पर है. उन्होंने कहा, रमजान एक पवित्र महीना है और अल्लाह हमें अपनी गलतियों को सुधारने का मौका देता है. मैं इस समय को इबादत में बिताकर अपनी जिंदगी को सही दिशा में ले जाना चाहती हूं. अनम खान की ये नई शुरुआत कई लोगों के लिए प्रेरणा बन सकती है. उनका संघर्ष और उनका इरादा ये दिखाता है कि हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, इंसान अगर ठान ले तो अपनी जिंदगी को नए सिरे से शुरू कर सकता है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अनम खान बॉलीवुड में अपनी पहचान बना पाती हैं या नहीं.