नेपोटिज्म का शिकार हुआ अध्ययन सुमन का करियर, अपने ही घर को आखिर क्यों बताया जेल?
एक्टर का कहना है कि नेपोटिज्म की वजह से उन्हें काम नहीं मिला. 17 सालों से इंडस्ट्री में होने के बावजूद भी वो आज अच्छे रोल्स के लिए तरसते हैं और आज भी उनका स्ट्रगलिंग फेज जारी है.
अभिनेता ने 2008 में बॉलीवुड में डेब्यू कर उसके एक साल बाद ही राज जैसी बड़ी हिट दी. लेकिन उसके बाद एक्टर की एक भी मूवी हिट नहीं हुई और ना ही वो किसी प्रोजेक्ट में नजर आएं.
काफी समय तक बड़े हिट नहीं देने की वजह से वो दुखी थे लेकिन 2024 में उनके हाथ संजय लीला भंसाली की सुपरहिट सीरीज हीरामंडी लगी. इसके बाद एक्टर का मानना था कि अब चीज़ें ठीक हो जाएंगी.
हीरामंडी जैसी सुपरहिट सीरीज में दमदार रोल अदा करने के बावजूद उनके हाथ कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं लगा. एक्टर ने कहा कि इस सीरीज के बाद उन्होंने बड़े प्रोजेक्ट की उम्मीद की थी पर उन्हें नहीं मिली.
हीरामंडी में जोरावर का दमदार किरदार निभाने के बाद भी एक्टर अच्छे रोल्स से वंचित रहे. इंटरव्यू में उन्होंने कहा उन्हें पता इसमें दोष किसका है उनका या इंडस्ट्री के लोगों का
एक इंटरव्यू में एक्टर का दुख छलका और उन्होंने कहा कि नेपोटिज्म बस एक फैशन कन्वर्सेशन बन गया है क्योंकि इसके वजह से उन्हें कोई अच्छा रोल हाथ नहीं लगा.
अध्ययन का कहना है वो आलीशान और लग्जरी जिंदगी जीते हैं लेकिन ये उनके पापा की बतौलत है. एक्टर को अब ये जिंदगी लग्जरी जेल जैसी लगती है क्योंकि वो कुछ बड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन उनके हाथ कोई अच्छा प्रोजेक्ट नहीं लग रहा है.